कोंच। जिले की नोडल अधिकारी महानिरीक्षक निबंधन मिनिस्ती एस ने सोमवार को खंड विकास कार्यालय कोंच का निरीक्षण किया जिसमें उन्हें छोटी बड़ी तमाम खामियां नजर आईं, इन्हें दूर करने के कड़े निर्देश उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिये। उत्तरप्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के लिये जो प्रदर्शनी लगाई थी उसे देख कर नोडल अधिकारी ने महिलाओं के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुये अधिकारियों को निर्देश दिये कि इन समूहों की महिलाओं को चल रही सभी योजनाओं का लाभ दिलाया जाये और जहां भी इन्हें किसी प्रकार की दिक्कत आती हो उसे दूर कराने के प्रयास करें।
नोडल अधिकारी ने बाद में नदीगांव थाने का भी मुआयना किया जिसमें अभिलेखों के रखरखाव और साफ सफाई पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऑन लाइन फीडिंग में हीला हवाली कतई न करें।
खंड विकास कार्यालय कोंच में नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस लगभग दो घंटे तक रहीं और एक एक पटल का बारीकी से निरीक्षण किया। जहां भी उन्हें कमी नजर आई उसे तत्काल दूर करने के निर्देश उन्होंने दिये। नोडल अधिकारी ने ब्लॉक अधिकारियों से यह भी कहा कि ब्लॉक से संबंधित जितनी भी योजनायें संचालित हैं वे सभी एक बोर्ड पर लिख कर लोगों को जानकारी दी जाये ताकि ग्रामीणों को कम से कम यह तो जानकारी हो सके कि ब्लॉक से उन्हें किन किन योजनाओं का लाभ मिल सकता है। सभी योजनाओं को लेकर अलग अलग पटल बनाये जायें ताकि संबंधित योजना के बाबत यदि किसी को कोई जानकारी लेनी है तो उसे तुरंत उपलब्ध हो सके। समूह की महिलाओं ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जिसमें मिट्टी केवर्तन, अखबारी लिफाफे, डलियां, सूप, गोलगप्पे, जड़ी बूटियों से बने उत्पाद आदि दर्शाये गये थे। उन्होंने एलोविरा और तुलसी का उत्पादन इस क्षेत्र में बढाने के अवसर तलाशने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिये बड़ी कंपनियों से संपर्क करने की भी सलाह दी। जैविक खाद का प्रयोग बढाने के लिये उन्होंने गांवों में चौपाल लगा कर लोगों को इसके फायदे बताने के भी निर्देश अधिकारियों को दिये। इस दौरान सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह, डीडीओ मिथलेश सचान, एसडीएम गुलाब सिंह, सीओ संदीप वर्मा, ब्लॉक प्रमुख ऐंद्रकुमार सिंह, बीडीओ मनरेगा एके दीक्षित, बीडीओ कोंच सत्तीदीन, एडीओ नरेश दुवे, पीडी शिवप्रसाद, सीडीपीओ वंदना वर्मा, सुरही चौकी इंचार्ज सुरेन्द्रकुमार सिंह आदि मौजूद रहे। नोडल अधिकारी इसके बाद नदीगांव पहुंचीं जहां उन्होंने थाना और सीएचसी का निरीक्षण किया। थाने में गंदगी देख कर उनका पारा चढ गया और सफाई पर ध्यान देने के कड़े निर्देश उन्होंने दिये। सीएचसी में व्याप्त कमियां सुधारने को लेकर उन्होंने जरूरी निर्देश दिये।ओडीएफ को लेकर कलई खुली
कोंच। ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण करने आईं जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस जब मीडिया से मुखातिब थीं तब उन्हें बताया गया कि सभी गांव कागजों में ओडीएफ घोषित कर दिये गये हैं जबकि अभी सैकड़ों लाभार्थियों को चेक ही नहीं दिये गये हैं। गांवों में अभी भी लोग खुले में शौच जा रहे हैं जो ओडीएफ के दावों की कलई खोल रहे हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने ब्लॉक अधिकारियों से कहा कि गांवों में जाकर शौचालयों की स्थिति देखें और जिनकी अनुदान की धनराशि बकाया रह गई है उन्हें तत्काल पैसा उपलब्ध करायें।
