जानिये बुआ से समझौते पर क्या बोले अखिलेश यादव?

गौरव त्रिपाठी
लखनउ 7 मार्चः राजनीति मे कोई स्थायी दोस्त और दुश्मन नहीं होता। यह बात पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बसपा से हाथ मिलाकर साफ कर दी। अब पहली बार अखिलेश बसपा से गठबंधन को लेकर आज तक चैनल से बोले। अखिलेश तो यहां तक कह दिया कि वो भाजपा के हराने के लिये किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

कभी अखिलेश के ‘बुआ’ कहने पर पर नाराजगी जताने वालीं मायावती के लिए भी अब बीजेपी ही ‘राजनीतिक दुश्मन नंबर 1’ है. इसका सबूत मायावती गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को समर्थन के एलान के साथ दे चुकी हैं. ‘बुआ’ ने दरियादिली दिखाई तो ‘भतीजा’ भी भला कहां पीछे रहता. गठबंधन के नेता के सवाल पर अखिलेश ने ‘आज तक’ से कहा, ‘गठबंधन का नेता कौन हो, कौन लीड करे, यह बातें बाद में है. भारत देश में हमें समझाया गया है कि यहां त्याग से बढ़कर कुछ नहीं होता. देश बचाने के लिए अगर कोई त्याग करना पड़े तो तो मै सबसे पहले करने को तैयार हूं. इसके लिए कोई राजनीतिक दल कहे चाहे ना कहे.’
राजनीति में मैंने रास्ता बदला है
अखिलेश ने बिना किसी लाग-लपेट कहा, ‘राजनीति में अपना रास्ता बदला जाता है इसलिए मैंने भी अपना रास्ता बदला है. इसीलिए मैंने मायावती जी से गठबंधन किया है.’
अखिलेश ने दोस्ती निभाने को लेकर कहा, ‘देखिए, मैं आशावादी आदमी हूं और दोस्ती में विश्वास रखता हूं. दोस्ती कितने दिन की भी हो अच्छी होनी चाहिए, मैं इसमें यकीन करता हूं.’
उपचुनाव के नतीजों के बारे में अखिलेश ने कहा कि नतीजे जब तक ना आ जाएं तब तक कौन जीतेगा, ये कहना बहुत मुश्किल है. अखिलेश के मुताबिक अगर प्रशासन ने जबरदस्ती नहीं की तो परिणाम सचमुच चौंकाने वाले होंगे.
सोशल इंजीनियरिंग पर है फोकस
अखिलेश ने एक सवाल के जवाब में सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस होने की बात भी मानी. अखिलेश ने कहा, ‘पिछली बार जब हम चुनाव लड़ रहे थे तो हमने विकास किया. मैंने नारा दिया काम बोलता है, हम लेकिन हार गए. हमसे कहा गया कि हमने सोशल इंजीनियरिंग नहीं की. तो इस बार हमने सोशल इंजीनियरिंग की है. अब सरकार में तो हम हैं नहीं. काम कर नहीं सकते इसलिए हमने सोशल इंजीनियरिंग की है. मुझे उम्मीद है कि यह सोशल इंजीनियरिंग बड़ा परिवर्तन लाएगी.’
अखिलेश लगे हाथ बीजेपी पर निशाना साधना नहीं भूले. अखिलेश ने कहा, ‘मुझे वह दिन याद है जब जब बीजेपी की ओर से मौर्य, कुशवाहा सभी जातियों को मुख्यमंत्री पद देने की बात कही थी. सभी जातियों से मुख्यमंत्री बनाने के वादे किए थे लेकिन उन्होंने किसे मुख्यमंत्री बनाया यह देखिए.’
मैं एक भारतीय हूं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खुद को हिंदू कहे जाने वाले बयान के संदर्भ में अखिलेश ने कहा, ‘मैंने कभी नहीं कहा कि मैं हिंदू हूं. मैंने हमेशा कहा कि मैं एक भारतीय हूं. कोई मुख्यमंत्री जब ये बात सदन में कहता है कि वो हिंदू है तो ये बात कब सदन में कहेंगे कि वो भारतीय है.’
कांग्रेस को भी रखना होगा बड़ा दिल
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बीते साल हुए चुनाव में अखिलेश ने कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया था. कांग्रेस से रिश्ते पर अखिलेश ने कहा, ‘देखिए कांग्रेस से दोस्ती है. उसके नेता से हमारी दोस्ती है. जब कभी हमें गठबंधन की जरूरत पड़ेगी, कांग्रेस को उस गठबंधन की जरूरत पड़ेगी तो सहयोग करेंगे. लेकिन कांग्रेस पार्टी को भी बड़ा दिल रखना पड़ेगा कि कैसे सबको एक साथ लेकर के चलें.’

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