जानिये कैसे नरेश अग्रवाल ने अपने को बीजेपी का नेता बताने मे सफलता पायी

नई दिल्ली 13 मार्चः पूरे देश के बीजेपी कार्यकर्ता सपा नेता रहे नरेश अग्रवाल के पार्टी मे आने की निणर्य से परेशान है। सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी अध्यक्ष का फैसला कार्यकर्ताओ या नेताओ की मंशा से उपर है? इन दिनो नरेश अग्रवाल के पार्टी मे आने के बाद दिये गये बयान और उनके प्रवेश को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी कार्यकर्ता ही निंदा का डंडा थामे नजर आ रहे। कोई लिख रहा कि ऐसी क्या मजबूरी, नरेश अग्रवाल जरूरी, तो कोई लिख रहा कि जिसके मन मे राम और विष्णु को लेकर विचार की गंदा वो कैसे बन गया बीजेपी का बंदा?



आपको बता दे कि भाजपा मे आने के बाद दिये गये बयान के बाद नरेश अग्रवाल को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तक ने लताड़ लगायी थी। नरेश शुरू से ही अपने को विवादित नेता के रूप मे बनाकर सुर्खियां बटोरते रहे हैं, सो उन्होने बयान के बाद सफाई देकर सुर्खियो का पूरा इस्तेमाल कर लिया। यानि देश भर को बता दिया कि वो अब बीजेपी के हो गये हैं।

ऐसा क्या बोल गए नरेश अग्रवाल

सोमवार शाम को बीजेपी में शामिल हुए नरेश अग्रवाल जब मीडिया से मुखातिब हुए तो इशारों में उन्होंने जया बच्चन पर जो टिप्पणी की उससे बवाल मच गया. नरेश अग्रवाल ने कहा कि डांस करने वालों की वजह से सपा में मेरा राज्यसभा का टिकट काटा गया. उनके इस बयान से पार्टी के लिए कुछ देर के लिए असहज स्थिति हो गई.




नरेश अग्रवाल के बयान के कुछ ही देर बाद विदेश मंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने नरेश अग्रवाल के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया था. सुषमा स्वराज ने ट्वीट करते हुए नरेश अग्रवाल का बीजेपी में स्वागत किया, लेकिन उन्होंने जया बच्चन पर की गई उनकी टिप्पणी को अस्वीकार्य और गलत बताया है. सुषमा स्वराज के बाद स्मृति ईरानी और रूपा गांगुली ने भी नरेश अग्रवाल के बयान पर विरोध दर्ज कराया है.
पार्टी को देनी पड़ी सफाई

नरेश अग्रवाल के बयान पर मचे बवाल के बाद बीजेपी की किरकिरी हुई तो पार्टी को सफाई देनी पड़ी. पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने मोर्चा संभाला और पार्टी का स्टैंड क्लियर करते हुए कहा कि बीजेपी सभी लोगों का सम्मान करती है. वह किसी भी वर्ग समुदाय से हो, या फिल्मों से हो.

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