तो क्या चुनाव का टी-20 नहीं खेल पाते अमित शाह!

नई दिल्ली 14 मार्चः भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या वो उप चुनाव मे जीत का फार्मूला नहीं रखते या फिर जानबूझकर विपक्ष को मौका देते हैं? उप चुनाव को विपक्ष क्रिकेट के टी-20 की तरह लेकर जीत पर जीत हासिल कर रहा है।
यूपी और बिहार मे ताजा उप चुनाव परिणाम इस बात के संकेत दे रहे हैं कि दोनो राज्य मे बीजेपी हार का सामना करेगी। इससे पहले राजस्थान, मप्र मे भी उप चुनाव मे बीजेपी हार का सामना कर चुकी है।

उप चुनाव मे विपक्ष के हावी होने की काट अमित शाह और मोदी के पास नहीं होने को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। क्या यह जोड़ी उप चुनाव मे विपक्ष को वाक ओवर देती है? या फिर वाकई विपक्ष जीत के लिये तैयार रहता है।




अभी ताजा स्थिति की बात करे, तो यूपी मे सीएम और डिप्टी सीएम की सीट दूर होती दिख रही। दिख क्या रही, औपचारिकता बाकी है। यही हाल बिहार का है। तेजस्वी यादव के सामने मुख्यमंत्री नीतीश और भाजपा का गठजोड़ टिक नहीं पाया।

उप चुनाव मे दो दुश्मनो का मेल रंग दिखा रहा है। अखिलेश की साइकिल पर सवार हुआ हाथी जोर मारता नजर आ रहा। सवाल उठ रहा है कि यदि यह सवारी जारी रही, तो क्या 2019 के चुनाव मे मोदी इनका सामना कर पाएंगे?

नई दिल्ली 14 मार्चः अब तक उप चुनाव के जो नतीजे आ रहे हैं, उससे साफ है कि यूपी के गोरखपुर और फूलपुर मे बीजेपी की हार निश्चित है? यदि ऐसा होता है, तो इसे राजनैतिक नजरिये से किस तरह देखा जाएगा, इसको लेकर चर्चा शुरू हो गयी है।

आपको बता दे कि यूपी मे लोकसभा की फूलपुर और गोरखपुर सीट पर सपा प्रत्याशी बढ़त बनाये हुये हैं। किसी चमत्कार की उम्मीद पर टिकी बीजेपी लगभग हार मान चुकी है।
दोनो सीट पर सपा की जीत से पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ता खासे प्रसन्न है। हां, बसपा भी सपा की खुशी मे बराबर का हिस्सा मान रही है। यही कारण है कि 25 साल बाद ऐसा हो रहा कि एक डंडे मे सपा और बसपा के झंडे नजर आ रहे हैं।
राजनैतिक गलियारे मे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की इस संभावित राजनैतिक हार को लेकर चर्चा है। योगी की कार्यशैली के साथ सपा और बसपा के मेल पर भी टिप्पणी की जा रही है।

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