क्या आम चुनाव से पहले मोदी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो सकेगा?

नई दिल्ली 15 मार्चः साल 2014 के आम चुनाव मे जिस नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व की छांव मे विपक्ष के तमाम नेता बिना किसी शर्त और देशहित की बात करते हुये आ बैठे थे, आज उनके तेवर क्यो बदल रहे हैं? यह सवाल खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को परेशान करने लगा है। सवाल उठ रहा है कि क्या विपक्ष आम चुनाव से पहले ला रहा अविश्वास प्रस्ताव पास करा सकेगा। अविश्वास प्रस्ताव को टीडीपी का समर्थन मिलने से हालात बदले नजर आने लगे हैं।

आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने पर अड़ी टीडीपी के बाद अब वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी सरकार के खिलाफ पहला अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए गोलबंदी शुरू कर दी है. पार्टी के 6 सांसदों ने शुक्रवार के लिए लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस दिया है.
पार्टी के सांसद जगन की ओर से लिखे गए एक पत्र को संसद के भीतर विपक्षी सांसदों के बीच बांट रहे हैं और उनसे इस प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील कर रहे हैं. सदन में इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है.




सांसदों का समर्थन हासिल करने के लिए लिखे गए जगन मोहन के पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव के बाद भी केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं होती है तो पार्टी के सभी सांसद 6 अप्रैल को अपना इस्तीफा दे देंगे. वाईएसआर कांग्रेस के पास लोकसभा में 9 सांसद जबकि राज्यसभा में एक सांसद है.
टीडीपी करेगी समर्थन
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग टीडीपी लगातार कर रही है. टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने भी प्रस्ताव को समर्थन करने का एलान किया है. विधानसभा में नायडू ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी टीडीपी केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी. इससे पहले इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नायडू की ओर से हैदराबाद में एक बैठक बुलाई गई थी. जगन मोहन रेड्डी ने भी नायडू को पत्र लिखकर समर्थन देने की अपील की है. इसके अलावा टीआरएस भी राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग कर रही है.

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