कमाल हो गया-अंगदान करने वाले मुस्लिम डाक्टर के खिलाफ फतवा जारी

लखनउ 18 मार्चः मुस्लिम युवाओ और युवतियो से लेकर अन्य किसी को भी मनचाहे काम करने की आजादी नहीं है। इसका उदाहरण है एक डाक्टर। इस डाक्टर ने अंगदान करने की घोषणा क्या कर दी,उसके खिलाफ फतवा जारी कर दिया।




रामा डेंटल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. अरशद मंसूरी के खिलाफ जारी फतवा में मदरसा ने कहा है कि अंगदान अवैध और गैर-मुस्लिम कार्य है. गौरतलब है कि डॉ. अर्शद ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स के रिसर्च लिए अपना शरीर दान करने की घोषणा की है.

डॉ. अरशद का कहना है कि डेंटल कॉलेज तमाम छात्रों और कर्मचारियों के साथ हमने यह संकल्प लिया है और 2006 में इस संबंध में एक फॉर्म भी भरा था कि हम मृत्यु के बाद अपना शरीर रिसर्च कार्य के लिए दान कर देंगे.

डॉ. अरशद के अनुसार, इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को हमारे अंग भी दान कर दिए जाएंगे. ईश्वर ने भी कहा है कि व्यक्ति को मृत्यु के बाद भी किसी के काम आना चाहिए.

लेकिन डॉ. अरशद का यह फैसला मदरसा एहसानुल मदारिस को नागवार गुजरा और मदरसे ने उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया.

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