आखिर क्या राज छिपा है केजरीवाल की माफी वाली राजनीति मे?

नई दिल्ली 19 मार्चः एक के बाद एक नेताओ से माफी मांग रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल माफीनामे पर भले की अपने दल मे घिरे हो, लेकिन उनकी इस रणनीति मे काफी कुछ छिपा है।
आपको बता दे कि केजरीवाल ने पिछले दिनो मजीठिया से माफी मांगी। इसको लेकर पंजाब आप मे विद्रोह हो गया। बगावत पर आमादा विधायक बैठक तक मे नहीं पहंुचे।




केजरीवाल का मजीठिया से माफी मांगने का मामला अभी सुलटा नहीं था कि आज उन्होने जेटली और नितिन गडकरी से भी माफी मांग ली। यानि वो हर उस नेता से माफी मांग रहे है, जिसके खिलाफ उन्होने आरोप लगाये।

यहां एक बात समझने वाली है कि आखिर अरविंद केजरीवाल ऐसा क्यो कर रहे हैं। जानकार मान रहे है कि अरविंद की इस माफीवाली राजनीति मे आने वाले दिनो मे दिल्ली मे होने वाले चुनाव से पहले अपनी जमीन को साफ करना है। अरविंद अच्छी तरह जानते है कि यदि उन्होने अभी माफी नहीं मांगी और कोर्ट से सजा मिली, तो चुनाव मे किसी भी कीमत पर जीत हासिल नहीं की जा सकी।
इसलिये अरविंद ने आज वित्तमंत्री अरूण जेटली और नितिन गडकरी को पत्र लिखकर माफी मांगी। सियासी जानकर अरविंद की इस चाल पर नजर रखे हुये हैं। बताते है कि अरविंद ने माफी मांगने के बाद अपनो के बबाल से निपटने के लिये अपने सबसे खास मनीष सिसौदिया को लगाया है।

इस कड़ी में आज अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से माफी मांगी है. इसके अलावा केजरीवाल ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल और उनके बेटे अमित सिब्बल से भी माफी मांगी है.

अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी नेता नितिन गडकरी को 16 मार्च को पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने लिखा है, ‘हम दोनों अलग-अलग दलों में हैं. मैंने आपके बारे में बिना जांचे कुछ आरोप लगाए, जिससे आपको दुख हुआ होगा, इसलिए आपने मेरे खिलाफ मानहानि का केस दायर किया. मुझे आपसे निजी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है, इसलिए मैं आपसे माफी मांगता हूं.’

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