अखिलेश और मायावती के रास्ते अलग हो सकते! कारण जानें

लखनउ 22 मार्चः कल होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने अखिलेश यादव के सामने ऐसी मांग रख दी है, जिससे सियासी गलियारे मे चर्चा है। माया ने साफ कहा कि उनके उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर का राज्यसभा रास्ता साफ रखने के लिये दस समर्पित विधायक दे। इस मांग से सपा की प्रत्याशी जया बच्चन का चुनाव खतरे मे पड़ सकता है।
यूपी के उप चुनाव मे हुयी बुआ भतीजे की दोस्ती के पहले ही महीने मे मांग का दौर शुरू हो गया है। इसकी शुरूआत मायावती ने की है।माना जा रहा है कि मांग और शर्त का यह सिलसिला यदि जारी रहा, तो आम चुनाव के पहले दोनो दलो के रास्ते अलग हो सकते हैं।

‘खांटी’ समाजवादी माया ने मांगे अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मायावती के करीबी ने बताया कि बसपा सुप्रीमो ने अखिलेश यादव से कहा है कि वो उन लोगों को आंबेडकर के लिए अल़ॉट करें जो ‘खांटी’ समाजवादी हों और भाजपा के पक्ष में वोट ना करें। मायावती की यह मांग, बीते गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में बड़ी जीत के बाद की है।




भाजपा ने एक अन्य व्यक्ति को राज्यसभा के मैदान में उतार कर चुनाव की लड़ाई को धारदार बना दिया है। नियमों के अनुसार, सभी दलों को उम्मीदवारों के लिए विधायकों को एलॉट करना होता है। रिक्तियों की संख्या के अनुरूप हर कैंडिडेट को कम से कम 37 वोट चाहिए होगा। 47 विधायकों वाली सपा हो सकता है कि 10 वोट बसपा के लिए एलॉट कर सकती है जब उसकी अपनी कैंडिडेट जया बच्चन आसानी से 37 मान्य वोट पा लें।

दूसरी ओर नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन के भाजपा के पक्ष में मतदान की संभावना के साथ, अखिलेश को जया और अम्बेडकर के बीच चुनना होगा। 19 विधायकों के साथ, मायावती, सपा के 10 और कांग्रेस के सात विधायकों के समर्थन पर निर्भर रहेंगी, इसके अलावा आरएलडी 1 विधाययक का भी समर्थन बसपा को मिल सकता है। । तीन पार्टियों ने पहले ही विधानसभा में बसपा नामित उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया है।

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