नई दिल्ली 12 जनवरीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने पहनावे को लेकर अक्सर चर्चा मे रहते हैं। विपक्ष भी उनके फैशनेवल कपड़ा पर सवाल उठा चुका है। मोदी के सूट से लेकर चप्पल तक पर होने वाले खर्च को लेकर सवाल उठे। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने जब प्रधानमंत्री के पहनावे के खर्च की जानकारी मांगी। जो जवाब आया, उसे देखकर सभी आश्चर्य मे पड़ गये। प्रधानमंत्री अपने पहनावे पर अपने वेतन से मिलने वाली रकम से खर्चा करते हैं।
रोहित सब्बरवाल ने अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल (19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 के बीच) तक हर साल उनके कपड़ों पर होने वाले खर्च का ब्यौरा भी मांगा था। इसी तरह मनमोहन सिंह के कार्यकाल (22 मई 2004 से 26 मई 2014) से मनमोहन सिंह के कपड़ों पर प्रत्येक साल हुए खर्चे को सूचना के अधिकार के तहत मांगा था। सब्बरवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के पद ग्रहण करने के बाद से अब तक हुए खर्च का ब्यौरा मांगा था।

पीएमओ ने आरटीआई का जबाव देते हुए लिखा कि, पीएम मोदी के कपड़ों पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकारी पैसे से नहीं किया जाता है। पीएम मोदी अपने कपड़ों पर अपने वेतन से ही खर्च करते हैं।
इसके साथ ही पीएमओ ने यह भी स्पष्ट रूप से कहा कि मांगी गई जानकारी की प्रकृति निजी है और यह कार्यालय के रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं है। सूचना के अधिकार के तहत इस जवाब के बाद आरटीआई कार्यकर्ता रोहित सब्बरवाल ने कहा, ‘बहुत से लोगों को अब तक ऐसा लगता है कि पीएम मोदी के कपड़ों पर सरकारी खजाने से बड़ी रकम खर्च की गई है।
आरटीआई से मिली जानकारी से लोगों का यह भ्रम दूर होगा।’ रोहित सब्बरवाल ने यह आरटीआई 9 दिसंबर 2017 को डाली थी।
