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इतनी सी सड़क पार करने में झांसी वालों की आंते हिल जाती, रिपोर्ट- सत्येंद्र मिश्रा

झांसी। महानगर का तमगा हासिल होने के बाद स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हुई झांसी ने प्रदेश में स्थान तो पा लिया, लेकिन झाँसीवालों को शहर की सड़कों पर पैदल चलना रास नहीं आ रहा है । सीपरी में सड़क पर या टैंपू में सवार होकर 500 मीटर से कम की सड़क पार करने में उनकी पेट के अस्थि पंजर हिल जाते हैं।

इन दोनों स्मार्ट सिटी झांसी में जगह-जगह विकास के कार्य कराए जा रहे हैं । एक-दो दिन में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी झांसी दौरे पर आ रहे हैं ।

प्रशासनिक अमला अपनी तैयारियों में जुटा है, लेकिन जिस रास्ते पर राहगीरों को सबसे ज्यादा यातायात करना पड़ता है वह रास्ते सबसे दयनीय स्थिति में है। कहां जा रहा है कि इन रास्तों को विकास के नाम पर जनता के लिए मुसीबत भरा बना दिया गया है।

बात हो रही है सीपरी में रस बहार चौराहे से शिवपुरी मार्ग जाने वाले रास्ते की। ओवर ब्रिज के दोनों ओर के संपर्क मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं । लोगों की मजबूरी यह है कि वह पैदल स्कूटर टेंपो या अन्य साधन से रास्ते पर निकल रहे।

500 मीटर से कम दूरी की यह सड़क पार करते समय लोगों को अपनी नानी याद आ जाती है। टैंपू में भरी सवारिया जब गड्ढे में गाड़ी की हिचकोले की सजा का एहसास करती हैं तो मन ही मन शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जमकर कोसती है।

आपको बता दें कि इस संपर्क मार्ग के किनारे नाला बनाया जा रहा है वैसे तो इस नाले का लोगों की नजरों में हुई औचित्य नहीं है। लोगों को हैरानी इस बात की है कि संपर्क मार्ग पर ना तो अधिकारी ना जनप्रतिनिधि और ना ही समाज सेवी ध्यान दे रहे हैं।

टैंपू में सवार फुटपाथ पर सामान लगाने वाली फूलवती कहती है कि डीएम साहब चाहे तो 1 दिन में सड़क पानी सी हो जाए।। वैसे फूलवती ही नहीं, अन्य लोगों का भी मानना है कि बड़े अधिकारियों को जन समस्याओं का निराकरण करने के लिए ऐसे स्थानों पर दौरा करने जरूर जाना चाहिए ।

अब देखना यह है कि यह संपर्क मार्ग क्या पुल बनने पर ही दुरुस्त होगा । तब तक लोग हिचकोले खाते यात्रा करते रहेंगे या फिर जिलाधिकारी की नजर पड़ती है।

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