करुणा और कर्तव्य का संगम: संघर्ष सेवा समिति ने भूमि के विवाह में बढ़ाया सहयोग का हाथ
झाँसी। सागर गेट पानी की टंकी के पास रहने वाली भूमि पांचाल, गौरी शंकर पांचाल और गायत्री पांचाल की सुपुत्री 7 मार्च को अपने जीवन के नए अध्याय की दहलीज़ पर कदम रखने जा रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच बेटी के विवाह का सपना संजोये इस परिवार के लिए उस समय संवेदना और संबल का प्रकाश जला, जब संघर्ष सेवा समिति ने आगे बढ़कर सहयोग का हाथ थामा।
समिति कार्यालय में आयोजित एक आत्मीय कार्यक्रम में संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संदीप सरावगी ने भूमि को फुल साइज ट्रॉली बैग, किचन सेट, साड़ी एवं अन्य आवश्यक गृहस्थी का सामान भेंट किया। यह केवल वस्तुएँ नहीं थीं, बल्कि एक पिता के हृदय से निकली शुभकामनाएँ और समाज की सामूहिक संवेदना का स्पर्श थीं।
इस अवसर पर डॉ. संदीप ने भावुक शब्दों में कहा, बेटी का विवाह किसी एक घर का नहीं, पूरे समाज का उत्सव होता है। जब किसी पिता की आँखों में जिम्मेदारियों की नमी दिखती है, तो समाज का कर्तव्य बनता है कि वह उसका हाथ थामे। संघर्ष सेव समिति का संकल्प है कि कोई भी बेटी अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. संदीप सरावगी अब तक सैकड़ों कन्याओं के विवाह में इसी प्रकार सहयोग प्रदान कर चुके हैं। उनके इन सतत प्रयासों ने न जाने कितने घरों में उम्मीद की दीपशिखा जलाई है और कितने माता-पिता के माथे से चिंता की रेखाएँ मिटाई हैं।
कार्यक्रम में संदीप नामदेव, बसंत गुप्ता, राजू सेन, ऐश्वर्य सरावगी, सुशांत गुप्ता, अनुज प्रताप सिंह, रिया वर्मा, अंजली विश्वकर्मा, नितिन वर्मा, नीतू, मीना मसीह, राखी, सागर चन्देल, गौरव, नीरज, कुनाल, रंजीत सिंह, गिरीश यादव, महेन्द्र रायकवार, सूरज वर्मा, सरिता श्रीवास्तव, मधु, मनीष यादव, विजय वर्मा, गौरव कुमार, ओंकार सचान, शिवम, शिवानी, गायत्री, धर्मेन्द्र खटीक, भूपेन्द्र यादव, आशीष विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता, संवेदना और सामाजिक एकता से सराबोर रहा। अंत में सभी ने भूमि के सुखद, समृद्ध और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की और एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि जब समाज साथ खड़ा हो, तो हर बेटी का सपना साकार हो सकता है।
