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क्या अमित शाह केरल को भगवा रंग मे रंग पाएंगे?

नई दिल्ली 14 अक्टूबरः हिन्दुत्व विचारधारा को मूल हथियार बनाकर केरल मे  राजनैतिक जमीन तलाश रही बीजेपी क्या वहां हिन्दुओ  के बल पर भगवा रंग खिला सकेगी? यह सवाल इन दिनो  राजनैतिक गलियारो मे  चर्चा बना हुआ है।

गौरतलब है कि केरल मे  वामपंथ सरकार है। यहां करीब 55 प्रतिशत हिन्दू, 27 फीसद मुसलमान, 18 फीसद ईसाई हैं। ऐसे मे  भाजपा को सबसे ज्यादा सहारा हिन्दुओ  से दिख रहा है।

अमित शाह ने 3 अक्टूबर को केरल मे  जनरक्षा यात्रा का शुभारंभ किया था। इस यात्रा मे  यपूी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुये थे।

योगी ने कहा था कि हम लाल धरती को भगवा मे  बदल दंेगे। योगी ने कहा था कि वामपंथी बंदूक की नोंक पर सत्ता हासिल करना चाहते हैं।।

ऐसे मंे सवाल यह उठा रहा है कि अब तक विपक्ष मंे अपना जनाधार तलाश रही बीजेपी क्या सत्ता के दरवाजे तक पहुंच सकेगी।

हालंाकि आरएसएस ने यहां काफी काम किया है। यहां करीब एक लाख से ज्यादा आरएसएस कार्यकर्ता है। करीब 800 से ज्यादा शाखाएं लगती हैं।।

उत्तर केरल के कन्नूर में RSS और CPM के बीच पिछले चार दशक से संघर्ष चल रहा है. इसे केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन का गढ़ माना जाता है. बीजेपी का आरोप है कि केरल में सबसे ज्यादा RSS और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्याएं कन्नूर में हुईं

. यहां पर जनरक्षा यात्रा के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद को लेकर सूबे की सरकार पर जमकर हमला बोला. साथ ही लव जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की.

RSS प्रांत प्रचारक का कहना है कि महज पांच साल में ही संघ ने यहां इतना विस्तार किया है. साथ ही RSS से काफी संख्या में छात्र और अन्य युवा तेजी से जुड़ रहे हैं. खास बात यह है कि केरल में सबसे ज्यादा RSS कार्यकर्ता कन्नूर में हैं.

इसके बाद अलाप्पुझा और थ्रिस्सूर का स्थान आता है. इसके अलावा संघ से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने कांग्रेस से जुड़े INTUS को उखाड़ फेंकने में मदद कर रहा है. इससे बीजेपी को आगे बढ़ने में मदद मिली है.

 

 

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