नई दिल्ली 12 जनवरीः सुप्रीम कोर्ट मे अपनी समस्याओ को लेकर चार जज के मीडिया मे आने के बाद मोदी सरकार मे हड़कंप मच गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को बुलाया है। सरकार हालातो पर चिंतन मे जुट गयी है।
न्यायपालिका में ये पहला मौका होगा जब सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया. चीफ जस्टिस के बाद दूसरे सबसे सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कभी-कभी होता है कि देश के सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था भी बदलती है. सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है, उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे पर चीफ जस्टिस से बात की, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी.
जजों ने बताया कि चार महीने पहले हम सभी ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था. जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे लेकिन उन मुद्दों को अनसुना किया गया.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जजों ने कहा कि चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज अदा कर रहे हैं. जजों ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए. यही पहली बार है कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे.
