झांसी। बुंदेलखंड का अन्नदाता खाने को मोहताज है । अबे मांगे पूरी न होने से अपने कपड़े धीरे-धीरे करके उतार रहा है। किसानों के इस कदम की आहट ना तो प्रशासन के काम में गूंज रही है और ना ही शासन और जनप्रतिनिधि इसे गंभीरता से ले रहे हैं । आज कलेक्ट्रेट में चड्डी और बनियान में किसानों ने अपनी आवाज को सुने जाने की पुकार लगाते हुए जब ज्ञापन दिया तो वहां मौजूद लोग समझ नहीं पाए कि आखिर किसानों की इतने दर्दीले प्रदर्शन के बाद भी समस्या का समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है।
झांसी के गांधी उद्यान में पिछले 14 दिन से किसान अपनी मांगो को लेकर आंदोलन कर रहे है। जिसमें किसानों ने राक्षस रुपी हवन, जूता पूजन, पेढ़ भरकर जिलाधिकारी कार्यालय जाना और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर चुके है। इसके बाद भी शासन-प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। मांगो को पूरा करने की जिद पर अड़े किसान आज गौरी शंकर बिदुआ के नेतृत्व में चड्डी–बनियान पहनकर आंदोलन स्थल से पैदल सड़कों पर निकले। वह आंदोलन स्थल से चड्डी- बनियान में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने प्रशासन को अपनी मांगो को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि उनकी अनुकम्पा राशि को, कृषि बीमा कम्पनी से खरीफ की फसल का क्लेम शीघ्र दिलाया जाये। इसके साथ ही रबी की फसल की सिंचाई के लिए नेहरू की सिल्ट सफाई पारदर्शी तरीके से कराए जाने की मांग की।
