झांसी तुझे बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर समर्थकों का जोश और उत्साह हर खौफ पर भारी पड़ रहा है आज बुंदेलखंड की मांग को लेकर समर्थकों को इस बात का आभास भी था की शहर में प्रभारी मंत्री मौजूद है जिसको लेकर प्रशासन बेहद सतर्क इसके बाद भी उन्होंने गृह मंत्री और सांसद का पुतला फूंक दिया.
आपको बता दें कि पृथक बुंदेलखंड की की मांग को लेकर पिछले कई सालों से धरना और प्रदर्शन हो रहा है क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा कर चुनाव के दौरान बुंदेलखंड को लेकर किया गया वादा इस धरना प्रदर्शन का मूल आधार बन गया है आरोप लगाया जा रहा है कि उमा भारती ने चुनाव के दौरान जनता को बुंदेलखंड का राज बनाने की मांग पूरा करने को लेकर झूठा वादा कर जनता को गुमराह किया
बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता झांसी के कचहरी चौराहे पर जिलाधिकारी कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर पहुंचे। इसके बाद वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती का एक साथ पुतला दहन किया गया। इस दौरान भानू सहाय ने बताया कि मालूम हो कि पिछले कई सालों से राज्य की मांग को लेकर बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा समेत कई संगठनों ने आन्दोलन किया। जिसका समर्थन 2014 लोकसभा चुनाव के चुनावी मंचों से प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने केन्द्र में सरकार बनने पर राज्य बनाने का वादा किया था। अब 4 वर्ष बीत चुके है लेकिन इस मांग को उक्त सत्ताधारी नेताओं ने गम्भीरता से नही लिया है।
लोकसभा चुनाव के दौरान केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और गृहमंत्री राजनाथ सिंह व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुन्देलखण्ड की जनता से जीतने के बाद छह माह में राज्य बनाने का वादा किया था। लेकिन ऐसा नही हुआ है। छह माह तो छोड़ें, बल्कि केन्द्र में बैठी मोदी सरकार को अब तक चार वर्ष बीत चुके है। इसके बाद भी इस मांग पर गौर नही किया गया। आखिर केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और मोदी सरकार बुन्देलखण्डवासियों के साथ इस प्रकार का छलावा क्यों कर रहीं हैं। यह समझ में नही आ रहा है। जब तक बुन्देलखण्ड राज्य की मांग पूरी नही होती है तब तक इसी प्रकार आन्दोलन चलते रहेंगे और नेताओं के पुतले फुकते रहेंगें।
इस मौके पर रघुराज शर्मा, उत्कर्ष साहू, गिरजाशंकर, वरुण अग्रवाल, गौरी शंकर बिदुआ समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद
