झांसीः पारिवारिक रिश्ते कलह और तनातनी के चलते मौत के रास्ते पर क्यो जा रहे हैं। ऐसा ही कुछ मउ मे हुयी एक घटना मे देखने को मिला। पति ने पत्नी को योजनाबद्व तरीके से बुलाने के बाद उसे मौत के घाट उतार दिया। बाद मे उसका शव जंगल मे कंकाल के रूप मे मिला।
जिले में मऊरानीपुर तहसील के ग्राम रतोसा निवासी इद्दु खान ने अपनी बेटी नसीबन का तीन साल पहले गरौठा थानान्तर्गत ग्राम निमगहना निवासी शेर खान के साथ विवाह किया था। नसीबन का डेढ़ साल का एक बेटा भी है। पिता के अनुसार शादी के बाद पति उसकी बेटी से अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगा था। जिसको लेकर आये दिन प्रताड़ित किया जाने लगा। परेशान होकर नसीबन 4 माह पहले अपने मायके आकर पिता के साथ रहने लगी थी।
इद्दु खान ने बताया कि अभी लगभग एक माह पहले नसीबन का पति शेरखान उसके पास पहुंचा और गलती मानकर रतौसा में रहने की बात कही। शेरखान के इरादों से बेखर होकर उन्होंने उसे रहने की इजाजत दे दी। एक माह तक दोनों हंसी-खुशी से रहे। इसके बाद 23 जून को शेरखान अपने घर निमगहना अकेला चला गया और फिर 26 जून को अपनी पत्नी नसीबन को मऊरानीपुर बुलाते हुए यह कहा कि वह दिल्ली मजदूरी के लिए जा रहा है। जाने से पहले उसे व बच्चे के लिए कुछ रुपए और सामन देना चाहता है। पति की बातों पर भरोसा कर नसीबन जा पहुंची अपने पति के पास। इसके बाद लौटकर वापस घर नहीं लौटी। काफी इंतजार करने पर जब वह घर नहीं आई तो उससे सम्पर्क करने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला।
परेशान होकर नसीबन के माता-पिता ने पुलिस व उच्चाधिकारियों से शिकायत करते हुए बेटी को तलाशने की मांग की। जिस पर गरौठा और उल्दन थाने की पुलिस ने महिला को तलाशना शुरु करते हुए छानबीन की। इसी बीच पुलिस को महिला के पति पर शक हुआ और उन्होंने पति को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछतांछ की। तभी पूरे रहस्य से पर्दा उठा। पुलिस के अनुसार पति ने नसीबन की हत्या कर उसके शव को लहचूरा के जंगलों में फेंक दिया था। जिस पर पुलिस आरोपी के साथ बताये गये स्थान पर पहुंची। जहां से पुलिस ने महिला के ककांल को बरामद कर लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
