झांसीः इन दिनो बीजेपी मे जबरदस्त तरीके से घमासान मचा है। प्रदेश सरकार की छवि को बचाने को लेकर नेताओ मे जैसे क्रेडिट लेने की होड़ सी मच गयी है। हर दूसरे दिन कोई ना कोई नेता और विधायक जनपद मे अवैध कारोबार को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहा है। समझ नहीं आ रहा कि भाजपाईयो को अपनी सरकार पर भरोसा नहीं है या फिर वो आपसी लड़ाई के लिये अवैध कारोबार की आड़ ले रहे हैं?
झंासी मे राजनैतिक तैयारियो को लेकर बीजेपी मे उत्साह केवल चंद नेताओ के पाले मे नजर आता है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के समर्थन फार संपर्क अभियान को जमीनी स्तर पर लाने के लिये चंद नेताओ ने पहल की। इनमे मेयर रामतीर्थ सिंघल, क्षेत्रीय मंत्री सुधीर सिंह एडवोकेट के नाम प्रमुख है।
बाकी नेता और पदाधिकारियो ने जैसे इस मुददे पर एक दो समर्थन पत्र देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली। हां, रोचक यह देखने को मिल रहा है कि इन दिनो बीजेपी के नेता अपनी ही सरकार को कठघरे मे खड़ा करने के लिये जनपद और महानगर मे अवैध कारोबार को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
यहां जनता यह नहीं समझ पा रही कि बीजेपी नेता यह कहते नहीं थक रहे कि हमने गुंडों और अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिये सरकार बनायी, वहीं भाजपाई क्यो यह सवाल उठा रहे कि अवैध कारोबार चरम पर है।
अवैध कारोबार को लेकर बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने तो मुख्य सचिव को पत्र तक लिख दिया। अब बीजेपी के एक और नेता ने मुख्यमंत्री से गुहार लगायी है कि बाहरी व्यक्ति अवैध कारोबार करा रहे।
यहां सबसे रोचक यह है कि जितने भी लोग अवैध कारोबार की बात उठा रहे हैं, वो यह बताने को तैयार नहीं है कि इन सबके पीछे किसका हाथ है? इससे उनकी मानसिकता सवालो के घेरे मे आ जाती है और पार्टी के अंदर चल रहे घमासान की झलक भी दिखने लगती है।
