झांसी-भानू सहाय ने अब कौन सी चुनौती दी उमा भारती को?रिपोर्ट-देवेन्द्र व रोहित

झांसीः तू डाल-डाल मैं पात-पात। ऐसा ही कुछ हो रहा है बुन्देलखण्ड निर्माण मोर्चा और केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के बीच। मसला है पृथक बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण का।

बुन्देली भावनाओ  से जुडे मुददे पर मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय पिछले चार साल से उमा भारती को घेर रहे हैं। एक ही डिमांड की चुनाव मे बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण का वादा किया था, उसे निभाने मे क्या परेशानी है?

भानू सहाय की चुनौती तगड़ी है। अपनी बात को लेकर वो उमा भारती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तक की मांग कर चुके, इसमे उन्हे कोर्ट से जुर्माना की सजा तक सुनायी जा चुकी है।

बीते दिनो  बुन्देलखण्ड का मामला फिर गर्मा गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के झांसी दौरे पर उमा भारती ने बुन्देलखण्ड राज्य  निर्माण को लेकर अपने वादे पर सफाई। उमा ने कहा कि मप्र के लोग नहीं चाहते कि वो पृथक राज्य मे शामिल हो।

आपको बता दे कि उमा भारती मप्र के लोगो  वाली बात काफी पहले मीडिया को बता चुकी थी। तब उन्होने इसे राजनैतिक अंदाज मे पर्सनल बताते हुये मीडिया से शेयर किया थ।

झांसी की मीडिया भी उमा की बात मे आ गयी और गोपनीयता की चादर ओढ़े रही। अब उमा भारती ने खुद ही सार्वजनिक कर दिया कि मप्र के लोग बुन्देलखण्ड को लेकर रूचि नहीं दिखा रहे, तो मोर्चा के पदाधिकारी व दूसरे संगठन मैदान मे आ गये। राज्य का नक्शा बनाया और मप्र व उप्र के जिले दर्शा दिये।

इसके बाद सवाल दागा कि अब तीन माह मे राज्य निर्माण बनाये। उन्होने उमाभारती के प्रतिनिधि डा0 जगदीश सिंह चैहान को राज्य निर्माण के घटक संगठनो द्वारा एक पत्र बुन्देलखण्ड के नक्शा सहित सौंपा गया।

पत्र में कहा गया कि सुश्री उमा भारती जी ने कहा गया है कि बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण आन्दोलन में लगे सभी संगठन यदि राज्य की सीमायें तय करके आपको दे दें तो आप 03 माह के भीतर बुन्देलखण्ड राज्य बनवा देंगी।

अपने कथन की पुष्टि में सुश्री उमाभारती जी को निम्न तथ्यों से अवगत कराते हुए हम सभी बुन्देलखण्ड राज्य निर्माण में कार्यरत संगठन एकमत होकर आपको बुन्देलखण्ड राज्य की सीमायें नक्शा सहित इस आशय से प्रेषित कर रहे हैं कि आप 03 माह के भीतर बुन्देलखण्ड राज्य का निर्माण करवा देंगी।

पत्र में कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने झाँसी-ललितपुर, जालौन, बाँदा, हमीरपुर, चित्रकूट एवं महोबा को मिलाकर बुन्देलखण्ड विकास मण्डल का गठन कर अपने राज्य क्षेत्र के भू-भाग को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की मान्यता प्रदान की है। (हरे रंग से संलग्न नक्शे में दर्शाया गया है)

मध्य प्रदेश सरकार ने सागर, छतरपुर, टीकमगढ, दमोह, पन्ना एवं दतिया को मिलाकर बुन्देलखण्ड विकास प्राधिकरण का गठन कर अपने राज्य क्षेत्र के भू-भाग को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की मान्यता प्रदान की है। (पीले रंग से संलग्न नक्शे में दर्शाया गया है)

केन्द्र सरकार ने उ0प्र0 के 7 जनपदों क्रमशः झाँसी, ललितपुर, जालौन, बाँदा, हमीरपुर, चित्रकूट व महोबा एवं म0प्र0 के 6 जनपदों क्रमशः सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना व दतिया को मिलाकर इन 13 जनपदों को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की मान्यता देकर 7 हजार 4 सौ 66 करोड़ रूपये का बुन्देलखण्ड पैकेज दिया है।

उत्तर प्रदेश सरकार, मध्य प्रदेश सरकार एवं केन्द्र सरकार ने जिस भू-भाग को बुन्देलखण्ड क्षेत्र की मान्यता दी है उसे पूर्ण रूप से प्रस्तावित बुन्देलखण्ड राज्य मानचित्र में रखा गया है।

इसके अतिरिक्त लहार, गोहाण्ड, करैरा, पिछोर, चन्देरी, गंज बासौदा, कटनी एवं भगवान कामतानाथ की परिक्रमा क्षेत्र में आने वाला भू-भाग और जोड़ा जा सकता है। (नीले रंग से संलग्न नक्शे में दर्शाया गया है)

 

 

 

 

 

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