झांसीः भाजपाईयो को किसी से गुर सीखने की जरूरत नहीं। वो जो करे, समझो अंतिम सत्य है। यही कारण है कि पार्टी को धोखा देने के लिये किसी बाहरी की जरूरत महसूस नहीं होती। अपने की काफी है। यह बात इसलिये उठ रही है, क्येकि भाजपा के जनसंवाद अभियान को अपने ही पलीता लगा रहे हैं।
दरअसल, पार्टी ने चुनाव से पहले यूपी मे जनसंवाद कार्यक्रम चला रखा है। मकसद साफ है कि लोगो के बीच जाकर उनकी समस्याओ को सुनना। पार्टी की नीतियो का प्रचार करना और अधिक से अधिक लोगो तक पहुंच बनाना।

काम कठिन है। जनता सड़क पर तो मिलेगी नहीं। इसके लिये बाजार, मुहल्ले आदि स्थान चुनने होगे। झांसी मे भाजपाईयो की महानता किसी से छिपी नहीं। अपना नाम छपवाने और सोशल मीडिया पर छाये रहने का हुनर इन्हे अच्छी तरह आता है।
जनसंवाद के कार्यक्रम का अनोखा नजारा भाजपा कार्यालय मे देखने को मिला। क्षेत्र मे संवाद के नाम पर कार्यालय मे आयोजित कार्यक्रम मे मंच पर पूर्व मंत्री रवीन्द्र शुक्ल के अलावा क्षेत्रीय पदाधिकारी संजीव ऋंगीऋषि भी नजर आ रहे हैं।
दूसरे चित्र मे आप देखेगे, तो पायेगे कि जनता के नाम पर अधिकांश भाजपा के लोग बैठे हैं। यानि संवाद अपनो से किया जा रहा? अब कोई बताए अपनो को ही जब अपनी जानकारी देना है, तो संवाद काहे का?
उपर स्तर से आये फरमान की झांसी मे कैसे धज्जियां उड़ायी जाती है, यह एक बानगी भर है। स्थानीय स्तर पर कुछ पदाधिकारी बड़े नेताओ को गुमराह करने मे कसर नहीं छोड़ते। अब पार्टी के अभियान का क्या असर होगा, यह भगवान ही जाने?
