नॉर्थ इंडिया गाइनेकोलॉजिस्ट फोरम का दो दिवसीय, वार्षिक सम्मेलन का आयोजन

नॉर्थ इंडिया गाइनेकोलॉजिस्ट फोरम का दो दिवसीय, वार्षिक सम्मेलन का आयोजन ।
दिनांक :२० जुलाई २०२५.स्थान: नटराज पोर्टिको सरोवर होटल झांसी।आयोजक:
कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथिऑनरेबल कमिश्नर श्री बीमल कुमार दुबे, झांसी डिवीजन द्वारा किया गया, एवं आपने बताया कि महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति विभाग से विशेषगयो को CHC एवं PHC में जाकर ओवेरियन एवं सर्वाइकल कैंसर के लिए कैंप करने चाहिए जिससे महिलाओं को कैंसर की पहली स्टेज से पहले ही चिकित्सा मिल सके। कमिश्नर सर ने संबोधन में बताया की एक महीने में बेसिक लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर ट्रेनिंग होगी जिसमें सभी आशाएं, हेल्थ वर्कर, और छात्र, छात्राओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, इसकी SOP एवं समिति जल्दी लागू हो जाएगी।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ सौदान सिंह ने बताया कि हमको सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में गुणवत्ता पूर्ण मैटरनिटी केयर को सशक्त बनाए रखना चाहिए यही राष्ट्र की सच्ची सेवा हे। डॉ मयंक सिंह प्रधानाचार्य महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज झांसी , ने सभी फैकल्टीस एवं डेलीगेट्स का स्वागत किया एवं उन्होंने बताया कि कॉन्फ्रेंस से हमेशा नॉलेज का नवीनीकरण होता हे एवं इससे शोध करने वाले विद्यार्थी की प्रतिभा में तकनीकी ज्ञान में अधिक प्रशिक्षण,कौशल एवं आत्मबल का विकास होता हे। यू पी चेप्टर ऑफ नॉर्थ इंडिया gynecologist फोरम,स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग महारानी लक्ष्मी बाई झांसी ,स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ फ़ोगसी समिति झांसी के सक्रिय योगदान से आयोजन का होना निश्चित रूप से कल्याणकारी होगा।
३०० पार्टिसिपेंट्स शामिल हुए है।
२० जुलाई के आयोजन की रूपरेखा इस प्रकार से थीं कॉन्फ्रेंस, प्रातः ८ बजे से शाम ५ बजे तक। विषय :हाई रिस्क प्रेगनेंसी, उच्च जोखिम गर्भावस्था।किशोर एवं युवाओं का स्वास्थ्य।स्त्री एवं प्रसूति विषय में शोध करने वाले,पीजी स्टूडेंट्स द्वारा ७० प्लस शोध पत्र पड़े गए। जिससे हमारे पीजी स्टूडेंट्स की प्रतिभा को प्रमोट एवं प्रखर करना है। प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज से आए स्त्री एवं प्रसूति विषय में पीजी करने वाले विद्यार्थी की २० टीम का दो चक्र में क्विज कराकर, विजेताओं को ट्रॉफी एवं सभी को प्रमाण पत्र प्रदान किया ।NIGF
यह एक है उत्तर भारतीय, स्त्री एवं प्रसूति विशेषज्ञों की एसोसिएशन हे। इसमें सात राज्य एवं दो यूनियन टेरिटरीज शामिल हे। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ, जम्मू कश्मीर, एवं राजस्थान शामिल हे।विजन, उद्देश्य:
विषय विशेषज्ञ छात्रों की प्रतिभा को प्रखर करना। गुणवत्ता युक्त academic कॉन्फ्रेंस को कंडक्ट करना। डेटा के साथ acadmic एजुकेशन को प्रमोट करना।
एनीमिया फ्री भारत एवं जीरो मोर्टालिटी फ्रॉम प्रसव उपरांत रक्तस्राव, पी पी एच से। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञयो को मेडिकोलीगल इश्यूज पर संवेदन शील करना। प्रॉपर रिस्क स्ट्रैटिफिकेशन एवं कोऑर्डिनेटेड मैनेजमेंट द्वारा उच्च जोखिम गर्भावस्था की चिकित्सा दक्षता के साथ एक सशक्त प्रयास हे राष्ट्रीय मात्र एवं शिशु स्वास्थ्य की गुणवत्ता पूर्ण देखभाल में।हमारे विभिन्न राज्यों से विषय विशेषज्ञ की एक्सपर्ट एवं अनुभवी कुशल वक्ता , विभिन्न टीचिंग इंस्टीट्यूट से एक्सपीरियंस्ड प्रोफेसरस द्वारा विभिन्न विषयों पर orations, सिंपोजियम,की नोट एड्रेस, पेनल डिस्कशन, वीडियो सेशन, क्रॉस टॉक, ब्रेन स्टोर्मिंग सेशन एवं व्याख्यान डिलीवर किए गए। राष्ट्रीय संरक्षक डॉ शारदा जेन दिल्ली, oration विषय: विकसित भारत को बनाने के लिए गाइनेकोलॉजिस्ट के लिए रोड मैप। Dr साधना गुप्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष NIGF, गोरखपुर, राष्ट्रीय अध्यक्षई ऑरेशन विषय फाइब्रॉयड मैनेजमेंट इन मॉडर्न टाइम। Prof Dr मंजू वर्मा अध्यक्ष उत्तर प्रदेश NIGF, इलाहाबाद। preterm लेबर को predict करना, प्रिवेंट करना और स्थिति तहत सशक्त चिकित्सा कैसी होनी चाहिए विषय पर अध्यक्षीय भाषण डॉ मंजू वर्मा अध्यक्ष UP चेप्टर NIGF ने दिया। डॉ रागिनी अग्रवाल, अपकमिंग राष्ट्रीय प्रेसिडेंट ने
ऑरेशन दिया,विषय: गर्भावस्था में तनाव का मा एवं शिशु पर प्रभाव। Prof Dr मंदाकिनी प्रधान sgpgi लखनऊ ने आर एच नेगेटिव प्रेगनेंसी पर व्याख्यान दिया। Prof Dr अंजू अग्रवाल विभागाध्यक्ष केजीएमयू लखनऊ मेडिकल कॉलेज लखनऊ, ने सीजेरियन उपरांत जटिलताओं को रोकना एवं उनका उचित इलाज पर व्याख्यान दिया। Dr अचला बत्रा, वाइस प्रेसिडेंट,दिल्ली सीजेरियन डिलिवरी का ऑडिट एवं इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। प्रोफ Dr संगीता राय B H U वाराणसी, विभागाध्यक्ष,
किशोरियों एवं महिलाओं में तनाव एवं आत्महत्या की टेंडेंसी के कारण एवं रोकथाम पर व्याख्यान दिया। डॉ हेमा शोभने सचिव ने बताया हे कि मातृ मृत्यु दर को कम करने के लिए सभी जरूरी प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रसव के समय तमाम तरह की जटिलताओं की आशंका रहती है। रक्तस्राव हो सकता है। झटके आ सकते हैं। गंभीर अवस्था में प्रसूताओं को ICU में रखने की जरूरत पड़ती है इसलिए हमेशा किसी भी गर्भवती महिला का सूक्ष्म परिक्षण करके संपूर्ण जानकारी एवं चिकित्सा देनी चाहिए।NIGF का मुख्य उद्देश्य यह हे कि पेरिफेरल एरिया में रहने वाले डॉक्टर्स को दक्ष करना और रिमोट एरिया में रहने वाली गर्भवती एवं किशोरियों को गुणवत्ता एवं गाइडलाइंस के मुताबिक चिकित्सा देना, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना है।डॉ सिप्पी अग्रवाल विभागाध्यक्ष ने ७० से ज्यादा शोध पत्र को उत्साह के साथ सफलता पूर्वक संपन्न कराया। डॉ विद्या चौधरी डॉ प्रीति केनाल, डॉ लक्ष्मी जाटव , डॉ रजनी गौतम, डॉ सुचेता राजपूत एवं डॉ दिव्या जैन, डॉ मनु शुक्ला, डॉ सुरभि सुमन ने बुंदेलखंड की गर्भवती महिलाओं की समस्याओं एवं समाधान पर व्याख्यान दिए।
डॉ सुनीता अरोरा,डॉ संजया शर्मा, डॉ सुशीला खर्कवाल, डॉ अलका सेठी, डॉ रेखा अग्रवाल, डॉ राजकुमारी दुबे,डॉ नीरजा कपूर , डॉ सविता दुबे, डॉ अशोक देवरिया, डॉ फरहत रूही,डॉ लवलीन कौर, डॉ रेणु बानोरिया, डॉ सुनीता राठौर, डॉ मृदुला कत्याल, डॉ प्रीति गुप्ता, डॉ ज्योति दीक्षित, डॉ ज्योति चौबे, डॉ रीतू जैन, डॉ अनुपमा प्रकाश,डॉ फरहद रूही, डॉ मनिता देवरिया,डॉ संजुला सिंह, एवं डॉ रूही प्रवींन ने ग्रामीण महिलाओं की समस्याओं पर विचार विर्मश किया। डॉ ऊषा कंचन , डॉ कुमुद बाला, डॉ पद्मा आर्या, कविता लिटोरिया, डॉ दीपशिखा कृपलानी, डॉ नीता सक्सेना, डॉ सीमा सरावगी, डॉ पूजा जैन, डॉ स्वाति अग्रवाल, डॉ साक्षी श्रीवास्तव,डॉ एथलीना रॉबर्ट, डॉ सुनीता टिक्का, डॉ हिमाली जैन, डॉ सविता मिश्रा, डॉ सुरक्षा शुक्ला, डॉ दीपाली गुप्ता, डॉ पारुल निगम, डॉ ऊषा अटग़ल, डॉ शैली साहू, डॉ टीना साहू, डॉ प्रियंका चौधरी, डॉ प्रियंका सिंग, डॉ दिव्या अग्रवाल, डॉ निधि अग्रवाल, डॉ श्वेता प्रधान, डॉ अंकिता गोयल, डॉ उर्वशी मिश्रा, निधि नगाइच एवं सभी प्रदेशों से आए विशेषज्ञों ने भाग लिया।
लोग लिव NIGF।
ऑर्गेनाइजिंग सचिव
प्रोफ Dr हेमा जय शोभने।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *