पंच शताब्दी महोत्सव में भक्ति का विराट संगम, श्रीराम कथा ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

पंच शताब्दी महोत्सव में भक्ति का विराट संगम, श्रीराम कथा ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर

झाँसी | श्रीमद् जगतगुरु श्री रामानंदाचार्य जी की 726वीं जयंती तथा सखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 500 वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर आयोजित “पंच शताब्दी महोत्सव” अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक अवसर पर क्षेत्र भर से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया और दिव्य वातावरण में आत्मिक शांति का अनुभव किया।
महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजन-अर्चन के साथ हुआ, जिसके बाद मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सखी हनुमान मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं पुष्पों से भव्य रूप से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषता परम पूज्य स्वामी श्री राम दिनेशाचार्य जी महाराज द्वारा आयोजित श्रीराम कथा रही। उन्होंने अपने ओजस्वी, मधुर एवं ज्ञानपूर्ण प्रवचनों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, उनके जीवन मूल्यों एवं धर्म के महत्व का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति रस में डूब गए और पूरे वातावरण में “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजते रहे।
इस पावन अवसर पर बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा ने भी महोत्सव में सहभागिता की और कथा श्रवण कर स्वयं को धन्य बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखते हैं और समाज में नैतिकता, संस्कार एवं एकता की भावना को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं।
महोत्सव के दौरान भंडारा एवं प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में विभिन्न संत-महात्माओं, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव एवं धर्म के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया। इस प्रकार पंच शताब्दी महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आया।

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