पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारे के साथ स्मृति महोत्सव का समापन
-कुंजबिहारी मंदिर में उमडे श्रद्धालुओं ने देर रात्रि तक चखा भण्डारा
झांसी।ग्वालियर रोड सिविल लाईन स्थित कुंजबिहारी जू मंदिर में समस्त गुरुजनों की स्मृति में आयोजित श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ का गुरुवार वार को हवन,पूजन पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारे के साथ समापन हो गया। हजारों की संख्या में उमडे श्रद्धालुओं ने मंदिर में हाजिरी लगाई और अखिल ब्रह्माण्ड नायक कुंजबिहारी सरकार एवं उनकी प्राण प्रियतमा राधा सर्वेश्वरी जू के दर्शन कर हवन कुंड में आहुतियां दी तथा वेदी की परिक्रमा कर पुण्यलाभ अर्जित किया और स्वादिष्ट भंडारे का प्रसाद पाया।
प्रात:काल ब्रह्म मुहूर्त में बुंदेलखण्ड धर्माचार्य राधामोहन दास महाराज के पावन सानिध्य में पुजारी मदनमोहन दास एवं बालकदास ने मंदिर मेंहदी विराजमान सभी विग्रह मूर्तियों का अभिषेक कर मनमोहक श्रृंगार किया गया।
प्रातः दस बजे से महंत राधामोहन दास के पावन सानिध्य में यज्ञाचार्य रामलखन उपाध्याय एवं विद्वान आचार्यों द्वारा उच्चारित वेदमंत्रों के बीच पुजारी बालकदास महाराज एवं पुजारी मदनमोहनदास महाराज, मुख्य यजमान सिद्धांत शर्मा,आकाश शर्मा,श्रीमती अनुप्रिया त्रिपाठी, श्रीमती अनुभा त्रिपाठी, पूर्व पार्षद सुजीत तिवारी,विनय उपाध्याय सहित कई श्रद्धालुओं ने यज्ञशाला में आहुतियां दी। पूर्णाहुति उपरांत लखनऊ से पधारे राष्ट्रीय कथक कलाकार रवींद्र प्रताप सिंह ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका की मनमोहक प्रस्तुतियां दी जिसकी सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। तदुपरांत बुंदेलखण्ड के सभी साधु संत एवं विप्रजनों सहित सभी श्रद्धालुओं का भण्डारा हुआ जो देर रात्रि तक चलता रहा।
भण्डारे में भी सभी श्रद्धालुओं को विविध प्रकार के व्यंजन परोसे गये,जिन्हें सभी ने श्रद्धा के साथ पाया। संत एवं विप्रजनों को दक्षिणा एवं रजाई भेंटकर विदाई की गयी।
इस मौके पर कुंजबिहारी मंदिर के पुजारी बालकदास एवं गिरवरधारी जू मंदिर के पुजारी मदनमोहन दास ने सभी को दक्षिणा देकर विदाई की। इधर महिला भक्त मंडल की देखरेख में सुहागिन माता बहिनों का पूजन बंदन उपरांत जेबनार कराई गयी तथा उन्हें सुहाग का सामान भेंटकर विदाई की गयी।इस मौके पर नगर के हजारों गणमान्य लोगों ने भण्डारे का प्रसाद पाया। इस मौके पर बुंदेलखंड धर्माचार्य महंत राधामोहन दास महाराज ने सभी को शुभाशीष दिया।अंत में व्यवस्थापक परमानंद दास ने सभी का आभार व्यक्त किया।
