प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन

*प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन:*
*नवभारत निर्माण में एक और कदम..*

मोदी जी ने सेवा तीर्थ का उद्घाटन कर गुलामी का एक और प्रतीक मिट्टी में मिला दिया । यह केवल दीवालों की बनावट नहीं उद्घोष है नई यात्रा का..

PM बोले- नॉर्थ-साउथ ब्लॉक ब्रिटिश हुकूमत का प्रतीक; गुलामी की मानसिकता से निकलना जरूरी

पीएम मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ से उद्धाटन कार्यक्रम में सांसदों और मंत्रालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय का पता आज से बदल गया है। नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए पीएम ऑफिस सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 व 2 का उद्घाटन किया। पीएम ऑफिस अब तक साउथ ब्लॉक में था।

पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक की इमारतें ब्रिटिश शासन की हुकूमत की प्रतीक थीं। ये भवन ब्रिटेन के महाराज की सोच को गुलाम भारत की जमीन पर उतारने का माध्यम था। हमें गुलामी की इस मानसिकता से बाहर निकलना जरूरी था।

पीएम ने कहा- दिल्ली की इमारतों में ऐतिहासिक स्थलों पर गुलामी के चिन्ह भरे पड़े हैं। आजाद भारत में जो सैनिक शहीद हुए, यहां उनके लिए कोई स्मारक नहीं था। 2014 में देश ने तय किया कि गुलामी की मानसिकता और नहीं चलेगी। हमारे इन फैसलों के पीछे हमारी सेवा भावना है।

*सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ लिखा है। -*

PM मोदी ने नए ऑफिस में भगवान गणेश की प्रतिमा पर माला चढ़ाई। –

PM ने X पर लिखा- सेवा तीर्थ कर्तव्य, करुणा और ‘भारत सर्वोपरि’ के सिद्धांत का प्रतीक है।
सेवा तीर्थ पर लिखा है- नागरिक देवो भव

प्रधानमंत्री का ऑफिस 1947 से साउथ ब्लॉक में रहा है। ये इमारत करीब 78 सालों से देश की सत्ता का केंद्र रही है। 2014 से मोदी सरकार ने ब्रिटिश शासकों के प्रतीकों से दूर जाने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।

*मोदी की स्पीच की बड़ी बातें…*

विकसित भारत की सोच सिर्फ योजनाओं में नहीं, बल्कि काम करने की जगहों और इमारतों में भी दिखनी चाहिए।
नई तकनीक के लिए पुरानी इमारतें पर्याप्त नहीं हैं।
पुराने भवन छोटे और सुविधाओं में सीमित थे।
करीब 100 साल पुरानी ये इमारतें जर्जर हो चुकी थीं,
और इन समस्याओं की जानकारी देश को होना जरूरी है।

आज भी कई मंत्रालय अलग-अलग 50 जगहों से चल रहे हैं, जिससे हर साल लगभग 1,500 करोड़ रुपए किराए में खर्च होते हैं।
अब सभी मंत्रालय एक जगह आने से खर्च कम होगा, समय बचेगा और कामकाज बेहतर होगा।

इन फैसलों के पीछे एक साफ सोच बताई गई है, जो भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को जोड़ती है। पहले जिसे राजपथ कहा जाता था, वहां आम लोगों के लिए कम सुविधाएं थीं, अब कर्तव्य पथ पर बेहतर व्यवस्था है।
राष्ट्रपति भवन में मुगल गार्डन का नाम बदलकर अमृत उद्यान किया गया और पुरानी संसद को संविधान सदन कहा गया।
इसे सिर्फ नाम बदलना नहीं, बल्कि आजाद भारत की नई पहचान बनाना बताया गया है।
सरकार का कहना है कि सेवा ही देश की असली पहचान है। नए भवन यह याद दिलाते हैं कि शासन का मतलब सेवा और समर्पण है।
“सेवा परमो धर्म” की सोच को ही आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
सेवा तीर्थ को सेवा के संकल्प का प्रतीक बताया गया है।
इसका उद्देश्य लोगों की सेवा करना और देश को आगे बढ़ाना है, ताकि करोड़ों लोग गरीबी और गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल सकें।

शासन का केंद्र अब नागरिक है। इस भवन में लिया गया हर फैसला 140 करोड़ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए। यहां अधिकार दिखाने नहीं, जिम्मेदारी निभाने का भाव होना चाहिए।
विकसित भारत 2047 सिर्फ लक्ष्य नहीं, बल्कि देश का वादा है। हर नीति सेवा की भावना से जुड़ी हो। कर्तव्य ही लोगों के सपनों को पूरा करने का आधार है, जिसमें समानता, समर्पण और आत्मनिर्भरता की सोच शामिल है।
2047 सिर्फ एक साल नहीं, बल्कि सपनों की समयसीमा है। सेवा तीर्थ में सत्ता नहीं, सेवा दिखनी चाहिए। आज का हमारा संकल्प और मेहनत ही आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेगी।

*PM ने नए ऑफिस में कई फाइलों पर साइन किए*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए PMO कॉम्प्लेक्स ‘सेवा तीर्थ’ में महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े अहम फैसलों की फाइलों पर साइन किए।
सरकार के अनुसार, इन फैसलों का उद्देश्य इन वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना है।

प्रधानमंत्री ने PM राहत योजना से जुड़ी फाइलों पर भी साइन किए। इस पहल के तहत, एक्सीडेंड पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस ट्रीटमेंट मिलेगा, जिससे उनके इलाज में देरी न हो।
साथ ही लखपति दीदी योजना का लक्ष्य दोगुना कर 3 करोड़ से छह करोड़ करने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के आवंटन को 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये करने की मंजूरी दी है।
प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी है।

अधिकारियों के अनुसार, PM मोदी ने सेवा भावना को दर्शाने वाले फैसलों से जुड़ी फाइलों पर साइन किए हैं। –

*सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें*
सेवा तीर्थ कॉम्पलेक्स में कुल 3 इमारतें हैं- सेवा तीर्थ-1, सेवा तीर्थ-2 और सेवा तीर्थ-3।
सेवा तीर्थ-1 में PMO है।
सेवा तीर्थ-2 में कैबिनेट सचिवालय और सेवा तीर्थ-3 में NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का ऑफिस है। ये सभी ऑफिस पहले अलग-अलग जगहों पर थे।

कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ-2 में शिफ्ट हो चुका है। आज PMO के साथ NSCS और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का ऑफिस भी यहां शिफ्ट हो गया है। PM आज कर्तव्य भवन-1 और 2 का उद्घाटन भी करने वाले हैं। यहां मंत्रालयों के नए ऑफिस होंगे। पहले नॉर्थ ब्लॉक मंत्रालयों का ठिकाना था।

PMO और मंत्रालयों का पता 13 फरवरी को बदला है। 1931 में इसी दिन नई दिल्ली का भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में उद्घाटन हुआ था।

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