बुविवि के नव प्रवेशित विद्यार्थियों का अभिविन्यास कार्यक्रम का दूसरा दिन
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कला संकाय के सभी विभागों के विविध पाठ्यक्रमों के नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रमों की खूबियों और रोजगार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षा में उपस्थित रहकर अपनी प्रतिभा को निखारें।
दूसरे दिन के कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कुलसचिव विनय कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को चैतन्य होकर अभिविन्यास कार्यक्रम का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परिसर के परिवेश को जान समझकर इसके साथ समायोजन करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने अभिभावकों, बड़े बुजुर्गो और शिक्षकों के निर्देशों को समझकर सही राह पर चलना है। सभी युवाओं को अपने बेहतर भविष्य के लिए पूरे मनोयोग से काम करना चाहिए। सभी समय और ऊर्जा का सदुपयोग करें। उन्होंने कहा कि जब भी कोई संकट महसूस करें तो माता और पिता का ध्यान करें। तब आपको हर संकट का हल मिलेगा। वो ही आपके सबसे बड़े हितैषी हैं। सभी युवा बड़ी सावधानी से सही दिशा का चयन करें और पूरी ऊर्जा से सफलता का वरण करें। अच्छे और बुरे का भेद समझें। कोई ग़लती होती है तो उसमें सुधार का प्रयास करें। अगर कोई ग़लती हो गई है तो पश्चाताप से अंत:करण को शुद्ध करें। भावनाओं पर नियंत्रण रखें। दिल से नहीं दिमाग का उपयोग कर फैसले लें। लगातार अध्ययन कीजिए। नियमित रूप से पढ़िए। आपकी पढ़ाई कभी व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकारी,शिक्षक और कर्मचारी आपके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर माहौल देने को कृत संकल्पित हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपनी सोच को सदैव सकारात्मक रखने का सुझाव दिया।
कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो मुन्ना तिवारी ने अभिविन्यास कार्यक्रम की रूपरेखा और उसके महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी विद्यार्थी विश्वविद्यालय को ठीक से समझ लें। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन और एकाग्रता बनाए रखने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि जड़ता को तोड़ने के लिए एनईपी लागू की गई है।
शिक्षा संस्थान के समन्वयक डा सुनील त्रिवेदी ने कहा कि सभी विद्यार्थी अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सजग रहें।
ललित कला संस्थान की समन्वयक डा सुनीता ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ललित कला की विशिष्टताओं और रोजगार की अपार संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। डा श्वेता पाण्डेय ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जरूरी जानकारी दी। डा अजय कुमार गुप्त, डा ब्रजेश सिंह परिहार, दिलीप कुमार, संतोष कुमार, गजेन्द्र सिंह ने ललित कला के विविध आयामों और रोजगार की संभावनाओं का जिक्र किया।
लाइब्रेरी एंड इनफार्मेशन साइंस संस्थान की समन्वयक डा ऋतु सिंह ने अपने संस्थान में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों और रोजगार के लिहाज से उनके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुस्तकालय की उपयोगिता को भी रेखांकित किया। संचालन डा श्वेता पाण्डेय ने किया। अतिथियों को पुस्तक भेंटकर उनका स्वागत किया गया।
डा श्रीहरि त्रिपाठी, डा ज्योति मिश्र और डा शैलेंद्र त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को अभिविन्यास कार्यक्रम का महत्व समझाया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन और अनुशासन का महत्व भी समझाया।
इस कार्यक्रम में पत्रकारिता संस्थान के समन्वयक डा जय सिंह, डा कौशल त्रिपाठी, डा राघवेन्द्र दीक्षित, उमेश शुक्ल, हिंदी संस्थान की डा अचला पाण्डेय, डा सुधा दीक्षित, डा प्रेमलता श्रीवास्तव, डा सुनीता वर्मा, डा मनीषा जैन, डा द्युति मालिनी,डा रानी शर्मा समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने काव्य पाठ भी किया। विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के लक्ष्य के बारे में बातचीत की। एक विद्यार्थी यश ने अपने एक शिक्षक का स्केच बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
