नई दिल्ली 14 अगस्तः बीजेपी एससीएसटी ऐक्ट को मूल रूप मे लाने के अपने फैसले के बाद एक नया दांव खेलने की तैयारी मे है। एक देश एक चुनाव की शुरूआत करने के लिये बहुत संभव है कि 2019 के आम चुनाव के साथ एक दर्जन राज्य के विधानसभा चुनाव भी करा दिये जाएं।
अभी इस दिशा मे मंथन चल रहा है। मोदी और शाह के विचार मंथन मे यह फार्मूला कितना दमदार साबित होगा, यह तो लागू होने के बाद ही पता चल सकेगा।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर न्यूज एजेंसी को बताया कि भाजपा कुछ राज्यों में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देर से करवाने और अगले साल होने वाले विधानसभा को जल्दी कराने की संभावनाएं तलाश रही है। ऐसे में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ ही इन चुनावों को भी संपन्न कराया जा सकेगा। नरेंद्र मोदी भाजपा के सरकार बनाने के बाद से ही एक देश-एक चुनाव की बात पर जोर दे रहे हैं।
इन राज्यों में आम चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव की योजना रू मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारों का कार्यकाल जनवरी 2019 में खत्म हो रहा है। यहां भाजपा की सरकार है और ये सरकारें लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव के पक्ष में हैं। मिजोरम सरकार का कार्यकाल दिसंबर 2018 में खत्म हो रहा है।
माना जा रहा है कि केंद्र सरकार हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव कुछ महीने पहले करवाने पर विचार कर रही है। यहां भाजपा की सरकार है। इसके अलावा बिहार में 2020 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा एनडीए की सहयोगी जद-यू के साथ सत्ता में है। जद-यू पहले भी कई बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव एकसाथ कराने की बात कह चुकी है। आंध्रप्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव आम चुनाव के साथ ही शेड्यूल हैं। जम्मू-कश्मीर में अभी राज्यपाल शासन लागू है।
