महादेव शिव ही हमारे परम परमात्मा और सृष्टि के पालनहार हैं डॉ संदीप सरावगी रिपोर्ट: अनिल मौर्य

अनंत दृष्टि योग एवं ध्यान केंद्र ट्रस्ट की नई शाखा का डॉ संदीप सरावगी ने किया दीप प्रज्वलित।

महादेव शिव ही हमारे परम परमात्मा और सृष्टि के पालनहार हैं डॉ संदीप सरावगी।

अनंत दृष्टि योग एवं ध्यान केंद्र ट्रस्ट के प्रबंधक अमित अवस्थी को मुख्य अतिथि डाँ.संदीप सरावगी ने दी शुभकामनाएं।

अनंत दृष्टि योग एवं ध्यान केंद्र ट्रस्ट सिद्धेश्वर नगर कॉलोनी लहर गिर्द की नई शाखा का आज ईलाईट चौराहा स्थित 48 चैंबर के निकट झांसी के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने किया शुभारंभ। अनंत दृष्टि योग एवं ध्यान केंद्र ट्रस्ट के प्रबंधक अमित अवस्थी उर्वशी अवस्थी ने परमपिता परमात्मा महादेव शिव की आराधना करते हुए विधि विधान से पूजा पाठ का कार्यक्रम विद्वान पंडितो द्वारा किया गया। तत्व उपरांत ट्रस्ट के प्रबंधक अमित अवस्थी द्वारा मुख्य अतिथि डॉ संदीप सरावगी का स्वागत एवं सम्मान किया एवं उपस्थित अतिथियों कभी स्वागत किया मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर नई शाखा का उद्घाटन करते हुए ट्रस्ट के सभी पदाधिकारी को शुभकामनाएं दी और अपने उद्बोधन में कहा कि वास्तविक में सनातन संस्कृति से बढ़कर पूरे विश्व में कोई संस्कृति नहीं कोई धर्म नहीं सनातन संस्कृति से ही एन पांतो की उत्पत्ति हुई है हजारों वर्ष पुराना यह धर्म ही एकमात्र धर्म है और हमारा सौभाग्य है कि हमने ऐसी मिट्टी में जन्म लिया जहां ऋषियों का ताप कवियों की जन्मभूमि वीरों की मातृभूमि वीरांगनाओं की कर्मभूमि जिनका आज देश ही नहीं पूरे विश्व में नाम सुनहरे अक्षरों में अलंकित है ऐसी मातृभूमि बुंदेलखंड की धारा में इस राह पर चलने का एक रास्ता जो सनातन संस्कृति की सभ्यता संस्कृति एवं इस मॉडलिंग परवेश को भुलाकर हमें सनातन संस्कृति की अलख जागने एवं अपने आप को स्वस्थ रखने का एक नया अध्याय शुरू कर सकते हैं। इसके लिए अनंत दृष्टि योग एवं ध्यान केंद्र ट्रस्ट द्वारा जो पहल की गई। वह सराहनीय है वही ट्रस्ट की संचालिका उर्वशी अवस्थी ने कहा कि राम वह नाम है जिसमें सुख शांति और समृद्धि के साथ मर्यादित एवं सनातन का पूरा परवेश है राम मर्यादित थे सीता जैसा समर्पण भाव और अपने पति के लिए अपने देवर के लिए अपने परिवार के लिए जो समर्पित रही वह एक हमारे लिए आदर्श है। लक्ष्मण जैसा समर्पण भाई के प्रति समर्पण भाभी के प्रति मां का स्वरूप आज के समय में एक अनूठा पैगाम है।भरत के जैसा समर्पण जिन्होंने निस्वार्थ भाई की प्रतीक्षा में अपना 14 वर्ष का जीवनकाल निकला शत्रुघ्न जैसा भाई जिन्होंने शत्रुओं के लिए काल बनकर अपने राज्य एवं परिवार के लिए हमेशा समर्पण रहना एक अत्यंत सुखद है ऐसे भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के इस राम राज्य की पताका लहराने का कार्य हमें करना है इसमें सभी का सहयोग और आशीर्वाद हमारे लिए आती आवश्यक है इस मौके पर मातृशक्ति सुमन सिंह, शालिनी गुरवख्सानी,बबीता सिंह, रोहित पांडे,पंकज शुक्ला, सुनील नैनवानी,शिवम,रानू,अभय वर्मा,
अमन,आकाश टंडन,संदीप नामदेव, अनुज ठाकुर,सुल्तान,शाकेब खान, आदि उपस्थित रहे सभी का आभार उर्वशी अवस्थी ने व्यक्त किया।

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