देहरादून, 30 अगस्त ! राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस पर रिसर्च फाउंडेशन ऑफ़ पॉलिसी एन्ड एडमिनिस्ट्रेशन के तत्वावधान में आयोजित ग्यारहवे इंटलेक्चुअल कॉनक्लेव में अध्यक्षता करते हुए अपने सम्बोधन में उत्तराँचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर (डॉ.) अनिल कुमार दीक्षित नें कहा कि “राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस का मुख्य उद्देश्य” लघु उद्योगों को संरक्षण प्रदान कर आर्थिक – कौशल विकास और इनोवेशन को बढ़ावा देना है ताकी आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार किया जा सके l
ज्ञात हो कि प्रति वर्ष 30 अगस्त को, छोटे उद्योग के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस मनाया जाता है
इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन डॉ. सुशील सिंह नें कहा कि भारत की पहचान एक कृषि प्रधान देश के रूप में होती है और देश की अर्थव्यवस्था में लघु स्तरीय उद्योगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
कॉनक्लेव की समन्वयक श्रीमती गीता सिंह नें सम्बोधन में प्रकाश ड़ालते हुए बताया कि, भारत में यें लघु उद्योग गरीबों, महिलाओं, युवाओं और कमजोर समुदायों के बीच आजीविका और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए ये उद्यम आर्थिक संस्थाओं से बढ़कर समाज की रीढ़ भी मानें जाते हैं।
