श्रीमद् भागवत में समाहित है वेदों का सार ; महंत राधा मोहन दास

कुंज बिहारी मंदिर में उत्सव की धूम

झांसी। श्री कुंज बिहारी जी मंदिर के पीठाधीश्वर महंत बाबा राधा मोहन दास ने कहा कि वेदों का सार श्रीमद् भागवत में समाहित है। श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य तर जाता है।आज कुंज बिहारी मंदिर के आश्रम पर चल रहे द्वि साप्ताहिक राधा अष्टमी उत्सव में जुटे श्रद्धालुओं को उन्होंने श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण का लाभ समझाया।
यहां ये उत्सव 26 अगस्त से शुरू हुआ है जो 11 सितंबर यानी राधा अष्टमी तक चलेगा।
महंत राधामोहन दास ने लोगों को सुझाव दिया कि श्रीमद् भागवत में प्रीति बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि आप सब तात, मात, सुत, दारा, देह के मोह में मत उलझें। अपनी मति को ईश्वर के चरणों में लगाएं। अपनी बात को विस्तार देते हुए उन्होंने कहा कि हर मनुष्य को अपना धर्म निभाते हुए माता, पिता, पुत्र, और पत्नी के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। साथ ही धर्म कार्य में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। सबको अपने चित्त को भगवान में लगाना चाहिए। इस क्षण भंगुर शरीर से भगवान और संतों की सेवा करनी चाहिए। उन्होंने उत्सव में बधाइयां भी गाईं। बधाइयों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया ।
कथा उपरांत बिहारी जी का छप्पन भोग प्रसाद वितरित किया गया।
कथा में हारमोनियम पर श्रीराम साहू, तबले पर आयुष, कोरस पर सरदार, बांसुरी पर विजय और सितार पर देव प्रकाश शर्मा ने साथ दिया।

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