नई दिल्ली 12 फरवरी सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई रिपोर्ट अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव को एक मामले में कड़ी फटकार लगाते हुए कोने में बैठा दिया । उनके ऊपर जुर्माना भी लगाया गया है।
मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में नागेश्वर राव द्वारा बिना इजाजत मुजफ्फरपुर आश्रय गृह की जांच अधिकारी का सीआरपीएफ में तबादला करने के मामले में सुनवाई हुई ।
राव पर सख्ती दिखाते हुए अदालत ने उनसे पूछा कि आपने तबादला से पहले इजाजत क्यों नहीं ली । प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पूर्व अंतरिम निदेशक को अदालत की अवमानना का दोषी पाया और इसके लिए उन्हें अनोखी सजा सुनाई गई।
उन्होंने कहा कि कोर्ट उठने तक आप कोर्ट रूम के कोने में बैठे रहे इसके अलावा उन पर ₹100000 का जुर्माना भी लगाया गया है ।सीबीआई की तरफ से अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल अदालत के सामने पेश हुए और उन्होंने माना कि ये गलतियों की श्रृंखला थी ।
गोपाल ने कहा कि उन्होंने माफी मांगी है और उन्होंने जानबूझकर नहीं किया है । अदालत ने राव को कड़ी फटकार लगाई।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, ‘अदालत के आदेश की अवमानना हुई है। यह उनके (पूर्व अंतरिम सीबीआई निदेशक एम नागेश्वर राव) करियर पर एक निशान होगा।’ इसपर वेणुगोपाल ने कहा, ‘उनका 32 सालों का बेदाग करियर रहा है। कृपया उनकी तरफ दयालु दृष्टिकोण को अपनाते हुए माफी को स्वीकार कर लें।’
