*अमेरिका का यूरोप को अल्टीमेटम! 2027 तक नाटो की सुरक्षा खुद संभालें, मजबूत करनी होंगी इंटेलिजेंस और मिसाइल क्षमताएं*
*अमेरिका चाहता है कि यूरोप 2027 तक नाटो की पारंपरिक रक्षा जिम्मेदारी संभाले. यूरोप को सैन्य, इंटेलिजेंस और मिसाइल क्षमताएं मजबूत करनी होंगी. समयसीमा चुनौतीपूर्ण है, जबकि अमेरिका अपनी अनोखी ISR और हथियार क्षमताएं प्रदान करता है. यूरोप ने 2030 तक आत्मनिर्भर रक्षा लक्ष्य तय किया है.*
*समंदर का रास्ता होगा ब्लॉक! ऑयल ट्रेड पर पुतिन के खिलाफ आर-पार के मूड में EU और G7 के देश*
* यूरोपीय संघ और जी 7 देश मिलकर रूसी तेल के खिलाफ बड़ी तैयारी कर रहे हैं.
* रूस पर पूर्ण समुद्री प्रतिबंध की तैयारी चल रही है, जिसके तहत रूसी तेल रेवेन्यू में बड़ी गिरावट आ सकती है.
* यह एक ऐसा कदम होगा, जो पश्चिम के जहाजों और बीमा कंपनियों का गला घोंट देगी, जो अभी भी रूसी कच्चे तेल के निर्यात में मदद कर रही हैं.
* इस प्रतिबंध से मौजूदा प्राइस लिमिट सिस्टम समाप्त हो जाएगा और रूस द्वारा बड़े पैमाने पर पश्चिमी स्वामित्व वाले टैंकर्स के माध्यम से किए जाने वाले प्रॉफिटेबल समुद्री बिजनेस पर बड़ा अटैक होगा, जिनमें से ग्रीस, साइप्रस और माल्टा जैसे यूरोपीय संघ की समुद्री शक्तियां शामिल हैं.
* रूस अपने एक तिहाई से ज्यादा तेल की आपूर्ति पश्चिमी जहाजों और सेवाओं के जरिए करता है, जिसमें ज्यादातर भारत और चीन को सप्लाई किया जाता है.
* इस पहुंच को बंद करने से रूस को अपने पुराने बेड़े पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा, जो प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सैकड़ों टैंकरों का एक ढीला-ढाला नेटवर्क है.
*हालांकि कोई भी अंतिम अमेरिकी रुख राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा चुनी गई रणनीति पर निर्भर करेगा, क्योंकि वह यूक्रेन-रूस शांति वार्ता में मध्यस्थता कर रहा है.*
■ इस हफ्ते वाशिंगटन में पेंटागन के अधिकारियों ने यूरोपीय राजनयिकों को साफ संदेश दिया कि अमेरिका चाहता है कि यूरोप 2027 तक नाटो की अधिकांश पारंपरिक रक्षा जिम्मेदारियां संभाले. इसमें सैनिक बल, हथियार, मिसाइल और इंटेलिजेंस जैसी क्षमताएं शामिल हैं.
■ अगर यूरोप समय पर यह जिम्मेदारी नहीं संभालता है तो अमेरिका कुछ नाटो समन्वय तंत्रों से पीछे हट सकता है.
■ रूस के 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद यूरोप ने अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने में पर्याप्त प्रगति नहीं की है.
■ अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि अगर यूरोप 2027 तक लक्ष्य पूरा नहीं करता है तो अमेरिका नाटो के कुछ समन्वय कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले सकता.
■ नाटो सहयोगियों को सैन्य उपकरणों की खरीद में उत्पादन में देरी का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिकी अधिकारियों ने यूरोप को और अधिक अमेरिकी हथियार खरीदने के लिए कहा है, लेकिन यदि आज ऑर्डर दिया जाए तो डिलीवरी में वर्षों लग सकते हैं.
■ यूरोपीय संघ ने महाद्वीप को 2030 तक आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए एयर डिफेंस, ड्रोन, साइबर युद्ध, गोला-बारूद और अन्य क्षेत्रों में सुधार करना होगा.
■ ट्रंप प्रशासन लगातार कहता रहा है कि यूरोप को नाटो में अधिक योगदान देना चाहिए, लेकिन उनका खुद का रुख हमेशा स्पष्ट नहीं रहा.
■ 2024 के चुनाव प्रचार में ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों की आलोचना की थी और कहा कि जो देश पर्याप्त खर्च नहीं करेंगे, उनके खिलाफ रूस को प्रोत्साहित किया जा सकता है.
■ हालांकि जून में नाटो शिखर सम्मेलन में ट्रंप ने यूरोपीय नेताओं की प्रशंसा की, जिन्होंने सदस्य देशों के वार्षिक रक्षा खर्च को GDP का 5% करने का लक्ष्य स्वीकार किया.
■ इसके बाद ट्रंप ने रूस पर कड़ी नीति और मॉस्को के साथ बातचीत दोनों का रुख अपनाया.
*यूरोपीय संघ रक्षा फंड में कनाडा भी शामिल हो गया है।कनाडा के इस कदम को सैन्य खर्च के लिए अमेरिका पर निर्भरता से दूर जाने के तौर पर देखा जा रहा है। यूरोपीय संघ के रक्षा फंड में शामिल होने के बाद कनाडा को 150 अरब यूरो का रक्षा कर्ज आसानी से मिल सकेगा। यूरोपीय संघ के इस रक्षा फंड को यूरोप के लिए सुरक्षा कार्रवाई (SAFE) के नाम से जाना जाता है। इस समूह में शामिल होने के बाद कनाडा की कंपनियों को विभिन्न रक्षा उपकरण खरीदने के लिए यूरोपीय संघ का सस्ता लोन मिल सकेगा।*
