आखिर मुलायम सिंह यादव की शिवपाल और अखिलेश यादव नीति का राज क्या है? रिपोर्ट रिंकू

लखनऊ 31 अक्टूबर समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने आज अपने सियासी अंदाज का नमूना पेश किया। जिसे देखने के बाद राजनीतिक पंडित भी चक्कर खाकर रह गए । मुलायम सिंह मंगलवार को अपने छोटे भाई शिवपाल यादव की पार्टी कार्यालय में गए तो वहीं शाम को अपने बेटे अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के कार्यालय में पहुंचे। दोनों मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी।

सेकुलर मोर्चा की कार्यालय में मुलायम सिंह यादव ने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत बनाने का आह्वान किया । आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट में अपने छोटे भाई शिवपाल के साथ मंच साझा कर चर्चा में आ चुके हैं परंतु आज उन्होंने छोटे भाई की पार्टी कार्यालय में कदम रख कर सभी को चौंका दिया। मुलायम सिंह यादव के इस कदम के बाद तरह-तरह की चर्चाओं को बल मिल गया है।

अपने छोटे भाई शिवपाल यादव की पार्टी कार्यालय से निकलने के बाद मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी के कार्यालय में आचार्य नरेंद्र देव की जयंती की पूर्व संध्या पर उन्हें याद किया।

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को परास्त करने की क्षमता केवल सपा में है । मुलायम सिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पार्टी की नीतियों को जनता तक पहुंचाने का आव्हान किया। उन्होंने हर स्तर पर महिलाओं को आगे लाने की जरूरत पर जोर दिया यही बात उन्होंने शिवपाल यादव की पार्टी कार्यालय में भी कहीं।

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि हर कार्यकर्ता को पार्टी की नीतियां जनता तक पहुंचाने का जिम्मा उठाना चाहिए उन्होंने गायकों की भी प्रशंसा की और कहा कि गायन भी एक कला है

आज मुलायम सिंह यादव के इस सियासी अंदाज के बाद राजनीतिक हलके में कयास बाजी जोरों पर पहुंच गई राजनीतिक जानकार मुलायम सिंह यादव की इस कदम का आकलन करने में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं । वह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर मुलायम सिंह यादव भाई और बेटे के बीच सामंजस्य बिठाकर कौन सी राजनीतिक चाल को अंजाम तक पहुंचाने की जुगत में है।

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