आगरा 14 अक्टूबर महानगरों का हाल बुरा होता जा रहा है दूसरों की संख्या बढ़ती जा रही है सबसे अव्वल रहने वाले कानपुर को शुद्ध करने के सरकार के कोई प्रयास सफल नहीं हो पा रहे हैं। आगरा देश का सबसे प्रदूषित दूसरा शहर बन गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए एयर क्वालिटी इंडेक्स भिवाड़ी 398 के साथ प्रदूषित शहरों की श्रेणी में नंबर वन है ,तो आगरा 336 नंबर पाकर दूसरे नंबर पर रहा।
दिल्ली फरीदाबाद नोएडा गुड़गांव जैसे शहरों में प्रदूषण आगरा से कम दर्ज किया गया।
शहर में मानक से 6 गुना प्रदूषण ज्यादा है। कार्बन मोनोऑक्साइड के लिए पर्यावरण नियमों में प्रति 8 घंटे में 2 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर का मानक है, जबकि प्रति घंटे के लिए यह मानक 4 है, लेकिन जारी किए गए आंकड़ों में एक्यूआई में यह 27 गुना यानी 108 पर रहा।
इसी तरह पीएम 2.5 कण की संख्या मानक से 6 गुना ज्यादा रही। केवल रात में पीएम कण कम रहे।
बताया जाता है कि शहर में बढ़ रहे प्रदूषण के पीछे मुख्य कारण कचरे का जलाना है इससे निकलने वाला धुआं पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है ।
संजय पैलेस में सब स्टेशन के पीछे रात भर पूरा जलता रहता है ,वहीं हरी पर्वत रेलवे पुल पर कपड़े और चमड़े की कतरन में आग लगी रहती है। पच कुइयां पर जीआईसी मैदान के पास बने डंपिंग जोन में भी पूरी में आग लगा दी जाती है।
