*”संसद ने आज ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 पारित किया*
देहरादून।
विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस (सयुक्त राष्ट्रसंघ द्वारा घोषित) इस दिवस पर आयोजित गोष्ठी में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित नें विधिक जानकारी देते हुए बताया कि, आज भारत की संसद ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025 पारित कर दिया है। यह विधेयक हानिकारक ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं, विज्ञापनों और उनसे संबंधित वित्तीय लेन-देन पर रोक लगा कर इसे आपराधिक कृत्य घोषित करता है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों, विशेषकर युवाओं को ऐसे खेलों के प्रतिकूल सामाजिक, आर्थिक, मनोवैज्ञानिक प्रभावों से बचाना है। विधेयक में ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश, संचालन या सुविधा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।
डॉ. दीक्षित नें आंकड़ों के साथ खुलासा किया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है क्योंकि यह ऐसी ख़राब लत पैदा करता है जिससे वित्तीय धोखाधड़ी और ठगी को बढ़ावा मिलता है। डॉ. अनिल दीक्षित नें कहा कि एक अनुमान के तहत भारत में करीब 45 करोड़ लोग हर साल ऑनलाइन गेम्स में लगभग 20 हज़ार करोड़ रुपये गँवा देते हैं।यें एक बिमारी का रूप ले चुकी है
डॉ अनिल दीक्षित ने बताया कि विधेयक में तीन खंड हैं : (1)ई-स्पोर्ट्स,
(2) ऑनलाइन सोशल गेम्स
(3) ऑनलाइन मनी गेम्स। उन्होंने कहा कि सरकार (1) ई-स्पोर्ट्स और (2) ऑनलाइन सोशल गेमिंग को प्रोत्साहित करेगी वहीं (3) ऑनलाइन मनी गेम्स कों आपराधिक कृत्य घोषित करते हुए ऐसे बैन कर दिया l