कोंच। सुरसा मुख की तरह विकराल हो चुकी अन्ना मवेशियों की समस्या से निपटने के लिये प्रशासन के स्तर से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और ग्रामीणों खासतौर पर पशु पालकों और किसानों को जागरूक करने की कोशिशें जारी हैं। इसी सिलसिले में सोमवार को खंड विकास कार्यालय में एसडीएम गुलाब सिंह ने ग्राम प्रधानों और सचिवों के साथ बैठक करके उन्हें जता दिया है कि गांवों में चारागाहों और सरकारी जमीनों पर बाड़बंदी करके आवारा मवेशियों के लिये शेल्टर होम बनाये जायें। अगर ऐसी जमीनों पर कोई कब्जा किये है तो उसे तत्काल खाली कराया जाये।
सोमवार को खंड विकास कार्यालय में कोंच एवं नदीगांव ब्लॉकों के ग्राम प्रधानों तथा ग्राम सचिवों के साथ एसडीएम गुलाब सिंह ने बैठक की। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान और सचिवों का यह दायित्व है कि वे गांवों में पशु पालकों पर दबाव बनायें कि वे अपने जानवर चिन्हित कर उन्हें घरों में बांधें। इसके अलावा जो पशु बच रहें उनके लिये गांवों में ही बाड़ों की व्यवस्था बनाई जाये ताकि गांव के पशु गांव में ही रहें। इसके लिये ग्राम समाज या चारागाहों की जमीनों का उपयोग किया जा सकता है और बाड़बंदी करके मवेशियों को उनमें बंद किया जा सकता है। उन्होंने साफतौर पर जता दिया है ये बाड़े हर गांव में बनने हैं और प्रधान या सचिव इनसे कन्नी नहीं काट सकते हैं।
इसके लिये उन्होंने समय सीमा भी तय कर दी है कि ज्यादा से ज्यादा एक सप्ताह के भीतर इंतजाम हो जाना चाहिये। इस दौरान बरडीओ सत्तीदीन, एडीओ पंचायत नरेश दुवे, एडीओ पंचायत नदीगांव महावीरशरण गुप्ता, प्रधान आमोद उदैनिया, रविशंकर, जितेन्द्र पांडे, ब्रजेन्द्रसिंह, राजेश राजपूत, महेन्द्र यादव, हरिमोहन पटेल, जितेन्द्र राजावत, नरेन्द्रसिंह, हर्षित गुप्ता, सुमित यादव, निधि राठौर, मनोज गौतम, अवधविहारी गुप्ता, पवन तिवारी, हरिसिंह, चंद्रशेखर कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
