क्षेत्राधिकारी व प्रभारी निरीक्षक की सूझबूझ व पत्रकारों के सहयोग से खुल सका जैम
कोंच (जालौन)। नगर में उपजिलाधिकारी की हठधर्मी कार्यशैली साधुओं के उनके खिलाफ भगवान को साथ लेकर सड़क पर उतर आने से भारी पड़ गयी। भड़के साधुओं ने शुक्रबार को सड़क पर उतर कर जैम लगा दिया जिससे पूरा प्रशासन सांसत में फंस गया।
उपजिलाधिकारी गुलाब सिंह अपनी हठधर्मिता एवं दो टूक कार्यशैली के लिये चर्चित हंै जिसके कारण उनका कई बार लोगों से पंगा हो चुका है। गुरूवार को नगर के प्राचीन झलापठा मंदिर पर बीते कई दशको बाद हो रहे विशाल महायज्ञ एवं भागवत कथा सहित तमाम धार्मिक कार्यक्रम चल रहे थे जहां अचानक
उपजिलाधिकारी रात्रि के समय लाव लश्कर के साथ पहुंच गये। उन्होंने तलाशी लेकर भण्डारे में इस्तेमाल हो रहे थर्माकोल-प्लास्टिक के पत्तल-गिलास जब्त कर लिये इतना ही नहीं मौके पर उन्हें साधुओं का गांजा भी हंाथ लग गया और उपजिलाधिकारी इस गैरकानूनी नशे को भी जब्त करने से नहीं चूके। वहीं उपजिलाधिकारी ने विद्युत उपखण्ड अधिकारी से आयोजन स्थल की विद्युत
आपूर्ति बंद करा दी जिसके चलते आयोजन में बाधा उत्पन्न हो गयी एवं
विद्युत आपूर्ति से संचालित निजी नलकूप भी बंद हो गया जिससे आयोजन स्थल पर पेयजल संकट खड़ा हो गया। वहीं उपजिलाधिकारी ने वन विभाग की भूमि पर आवागमन हेतु बनाये जा रहे अस्थाई मार्ग के निर्माण पर भी रोक लगा दी और
आयेाजन स्थल पर लगे झूले आदि लगाये जाने पर सख्ती के साथ रोक लगा दी। वहीं उपजिलाधिकारी के इस कदम से आक्रोशित साधुओं ,हिन्दूवादी संगठनों एवं आयोजकों ने शुक्रबार को मुर्दाबाद के नारे लगाते हुये विरोध प्रदर्शन कर डाला। साधु -संत देवताओं की मूर्ति के साथ सड़क पर धरने पर बैठ गये
जिससे सड़क पर लम्बा जैम लग गया। वहीं तनाव बढने की आशंका से घवराये क्षेत्राधिकारी शीशराम सिंह,प्रभारी निरीक्षक एलएन त्रिपाठी,थानाध्यक्ष कैलिया लखन सिंह,थानाध्यक्ष नदीगांव अशोक वर्मा,उपनिरीक्षक दामोदर
सिंह,सतेन्द्र द्विवेदी,कमलनारायण भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और साधुओं एवं आयोजकों को समझाने की कोशिश की लेकिन जैम लगाये लोग टस से मस नहीं हुये जिसके बाद स्थानीय पत्रकारों एवं गणमान्य नागरिकों की मध्यस्थ्ता के बाद जैम लगाये बैठे लोग शांत हुये और फिर क्षेत्राधिकारी ने उक्त आयोजन को लेकर पूर्ण सुरक्षा प्रदान किये जाने का भरोसा आयोजकों को दिलाया जब कहीं जाकर जैम खुल सका।
