नई दिल्ली 27 अगस्तः आरएसएस ने राहुल गांधी को न्यौता देकर एक प्रकार से चुनौती पेश कर दी है। वो यह चुनौती स्वीकार करते हैं या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।
आपको बता दे कि राहुल गांधी विदेश दौरे पर आरएसएस की तुलना ब्रदरहुड संगठन से कर चुके हैं। इसको लेकर आरएसएस उनकी आलोचना कर चुका है।
प्रचार के अरूण कुमार का कहना है जो व्यक्ति आरएसएस को नहीं समझता, वो भारत को क्या समझेगा।
वैसे आपको बता दे कि आरएसएस इस सम्मेलन के लिये सभी दल के नेताओ को बुला रहा है। 17 सितम्बर से होने वाले सम्मेलन मे मोहन भागवत भारत के भविष्य को लेकर संवाद करेगे
यहां यह देखना होगा कि जिस प्रकार राहुल गांधी यह कहते है कि वो बीजेपी की नफरत का जवाब प्यार से देगे, तो क्या वो मंच साझा करेगे? वैसे पूर्व राष्टपति प्रणब मुखर्जी आरएसएस के मंच पर जा चुके हैं। अब आरएसएस ने राहुल को न्यौता देने की प्रक्रिया के जरिये गेंद उनके पाले मे डाल दी है।
