ग्रीनलैंड पर हमले की तैयारी करो’

*’ग्रीनलैंड पर हमले की तैयारी करो’, ट्रंप ने सेना को दिया आदेश, US आर्मी ने कर दी ‘बगावत’, बोली- मनमानी नहीं चलेगी*

*अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए सैन्य विकल्पों पर विचार करने के आदेश दिए हैं, जिससे अमेरिका और यूरोप में हलचल मच गई है.*

* सेना के शीर्ष अधिकारी इसे अवैध और खतरनाक मान रहे हैं.
* ट्रंप ने जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) से ग्रीनलैंड पर सैन्य कार्रवाई की योजना तैयार करने को कहा है.
* जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इसका विरोध किया है.
* उनका कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा और अमेरिकी कांग्रेस भी इसका समर्थन नहीं करेगी.
* ट्रंप का कहना है कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन वहां कब्जा कर सकता है.

*अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए मिलिट्री को प्लान तैयार करने का आदेश दिया है.*

■ डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देते रहते हैं. लेकिन इसबीच खबर आई है कि उन्होंने स्पेशल फोर्स कमांडरों से संभावित हमले की योजना बनाने को कहा है.
■ हालांकि अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी ट्रंप के इस मनमाने विचार का खुले तौर पर विरोध कर रहे हैं.
■ ट्रंप के आसपास मौजूद सलाहकार इस योजना को आगे बढ़ा रहे हैं. इसमें सबसे अहम नाम राजनीतिक सलाहकार स्टीफन मिलर को बताया जा रहा है.
■ इन लोगों का मानना है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के ऑपरेशन की सफलता के बाद अब अमेरिका को ग्रीनलैंड पर भी तेजी से कदम उठाना चाहिए.
■ ट्रंप की इस सोच के पीछे घरेलू राजनीति भी बड़ी वजह है. अमेरिका में इस साल मध्यावधि चुनाव होने हैं और अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ रहे हैं. माना जा रहा है कि ट्रंप मतदाताओं का ध्यान अर्थव्यवस्था से हटाकर एक बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर ले जाना चाहते हैं.
■ अगर अमेरिका ऐसा कोई कदम उठाता है तो इसका असर सिर्फ ग्रीनलैंड तक सीमित नहीं रहेगा. यह फैसला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है और नाटो जैसे सैन्य गठबंधन के भविष्य पर भी गंभीर संकट खड़ा कर सकता है. कुछ राजनयिक दस्तावेजों में इसे नाटो के भीतर से टूटने का खतरा बताया गया है.
■ सैन्य अधिकारी ट्रंप का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. वे ग्रीनलैंड की जगह रूस के कथित घोस्ट जहाजों को रोकने या ईरान के खिलाफ सीमित कार्रवाई जैसे विकल्पों पर बात कर रहे हैं. इन जहाजों को पश्चिमी प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. राजनयिक हलकों में अलग-अलग हालात पर विचार किया गया है.

*अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से अहम ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका उसे आसान तरीके से हासिल करना चाहता है, वरना कठिन रास्ता अपनाया जाएगा. वहीं डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने साफ कर दिया है कि द्वीप बिकने के लिए नहीं है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्रीनलैंड को जबरन हथियाने की अमेरिकी कोशिश नाटो को गंभीर संकट में डाल सकता है.*

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