रायपुर 1 नवंबर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इस बार सत्ता में वापसी के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है तो वहीं भाजपा की रमन सरकार सत्ता में इतिहास रचने के लिए बेताब है ।
इस बार की विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की ओर से जो प्रत्याशी खड़े किए जा रहे हैं उनके इतिहास बहुत रोचक और जानकारी योग्य हैं । ऐसा नहीं है कि कांग्रेस की ओर से कोई ऐसा प्रत्याशी सामने ना आया हो जिसके पास दौलत से लेकर शोहरत की किसी प्रकार से कोई कमी हो । हम यहां आपको कांग्रेश के ऐसे विधायक से मिलने जा रहे हैं जिसके पास दौलत का भंडार है तो शोहरत भी अपार है
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष त्रिभुवनेश्वर शरण सिंह जूदेव। जी हां सिंह देव सरगुजा रियासत के राजा हैं । इनकी लोकप्रियता इतनी है कि लोग उन्हें राजा साहब या हुकुम की बजाय प्यार से टीएस बाबा बुलाते हैं।
टी एस बाबा के पास संपत्ति की कोई कमी नहीं है। राज्य के सबसे अमीर विधायक हैं । कहा तो यह भी जाता है कि 2013 के आंकड़े माने तो मध्य प्रदेश राजस्थान दिल्ली और मिजोरम के सभी विधायकों की संपत्ति को मिला दी जाए तो इनकी कुल संपत्ति से कम ही होगी।
अपने शाही अंदाज के साथ जनता के बीच लोकप्रिय टी एस बाबा राज्य की अंबिकापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं । शपथ पत्र में इनकी कुल संपत्ति 500 करोड़ से अधिक है । 2013 के चुनाव में उनकी संपत्ति लगभग 551 करोड़ थी हालांकि इस बार उनकी संपत्ति 504 करोड़ के आसपास है। टी एस बाबा के पास अंबिकापुर क्षेत्र में कई मकान सरकारी इमारतें सराय हॉस्पिटल स्कूल खेत आदि पर मालिकाना हक है।
टी एस बाबा के सामने इस बार बीजेपी की ओर से अनुराग सिंह देव को मैदान में उतारा गया है। टी एस सिंह देव पिछले 2 बार से अंबिकापुर में चुनाव जीत रहे हैं । इस बार जीतकर हैट्रिक बनाना चाहते हैं, तो भाजपा किसी तरह से इस विधानसभा क्षेत्र में अपना खाता खोलना चाहती है
