जन्मदिन को बनाया सेवा-दिवस, ऐश्वर्य सरावगी ने मानवता की मिसाल पेश की

जन्मदिन को बनाया सेवा-दिवस, ऐश्वर्य सरावगी ने मानवता की मिसाल पेश की

झांसी। जन्मदिन को केवल केक काटने और शुभकामनाएँ लेने तक सीमित न रखकर समाज के नाम समर्पित करने का भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब प्रसिद्ध समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी के पुत्र ऐश्वर्य सरावगी ने अपने जन्मदिन पर समाजसेवा का संकल्प लेते हुए असहाय और जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन व सर्दी से बचाव हेतु कपड़ों का वितरण किया।
इस मानवीय पहल के दौरान ठंड से ठिठुरते बुजुर्गों, बेसहारा लोगों और जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। भोजन पाकर जहां भूखे पेट को राहत मिली, वहीं गर्म कपड़ों ने सर्द हवाओं से सुरक्षा का एहसास कराया। कई बुजुर्गों की आंखें नम हो उठीं—मानो किसी अपने ने उनका हाल पूछ लिया हो।

ऐश्वर्य सरावगी ने इस अवसर पर भावुक शब्दों में कहा कि उन्होंने अपने माता-पिता से हमेशा सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ सीखा है। जन्मदिन पर सबसे बड़ा उपहार यही है कि किसी की पीड़ा कम हो सके। यदि मेरे प्रयास से किसी के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो वही मेरी खुशी है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए ऐश्वर्य का यह कदम प्रेरणास्रोत है। समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने भी पुत्र के इस निर्णय पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा की भावना ही सच्चा संस्कार है, और जब युवा पीढ़ी इसे अपनाती है, तो समाज का भविष्य उज्ज्वल होता है।

सादगी, करुणा और समर्पण से भरे इस जन्मदिन ने यह संदेश दिया कि खुशियाँ बांटने से बढ़ती हैं। ऐश्वर्य सरावगी का यह संकल्प न केवल एक दिन की पहल रहा, बल्कि समाज के प्रति निरंतर सेवा की राह पर बढ़ता हुआ एक सशक्त कदम बन गया।

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