झांसी साइबर काम करने वाले कुछ अपराधियों को आज पुलिस ने अपना जाल बिछाकर गिरफ्त में ले लिया । अपराधियों के अपराध करने के तरीके से साफ है कि इनकी मानसिकता किस प्रकार से अपराध से ग्रसित हो चुकी है । यह लोग दोस्ती में दगा करने के लिए अपने शातिर दिमाग को इस्तेमाल कर रहे हैं । पुलिस में ऐसे लोगों को पकड़ा है जो ATM को आपकी जेब में रखे रहने के बाद भी पैसे उड़ाते हैं। आपके atm का क्लोन बनाकर।
आपको जानकर यह ताज्जुब होगा कि पुलिस की गिरफत में आये अपराधियों को आप चित्र में देख रहे हैं , ये वो नौजवान है जो अपने भविष्य को अपने शातिर दिमाग के कारनामों से चौपट कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर देवेश पांडे का कहना है कि 26 जून को डाॅ. भापेष कुमार यादव हाले निवासी मेडिकल कालेज कैम्पस ने नवाबाद थाने की पुलिस से शिकायत करते हुए बताया था कि उनका एसबीआई में बचत खाता है। जिसमें से 7 बार में 90 हजार रुपए धोखे से निकल गये। जबकि एटीएम कार्ड उनके पास है। शिकायत को दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी।
पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि मामला दर्ज होने के नवाबाद थाना पुलिस छानबीन करते हुए जालसाजों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही थी। तभी पुलिस को जानकारी हुई कि गुमनावारा में ऐसा ही एक गैंग है। सूचना को गम्भीरता से लेते हए पुलिस बताये गये स्थान पर पहुंची और उक्त तीनों लोगों को भागने से पहले गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गये तीनों लोगों को थाने लाया गया। जहां पूछतांछ में उन्होंने अपना नाम विनय भास्कर निवासी गुमनावारा, मानवेन्द्र अहिरवार निवासी दिगारा बड़ागांव और पीयूष अहिरवार निवासी कोछाभांवर बताये। पकड़े गये तीनों के पास से पुलिस ने पकड़े गये तीनों युवकों के पास से एक लेपटाॅप, एटीएम कार्ड बनाने वाली क्लोन मशीन, 16 एटीएम कार्ड खाली, चार अदद क्लोन और 88 हजार रुपए नकद बरामद किये। पकड़े गये तीनों युवकों के खिलाफ सम्बधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाही की।
पकड़े युवकों में विनय भास्कर नर्सिंग का छात्र है। वह झांसी मेडिकल कालेज में प्रशिक्षण ड्यूटी करता है। जहां वह स्टाप को विश्वास में लेकर एटीएम कार्ड व पिन ले लेता था। इसके बाद अपने साथियों के साथ मिलकर वह एमएसआर क्लोनिंग मशीन से एटीएम कार्ड का डाटा कम्प्यूटर में ट्रांस्फर करता, फिर मशीन के माध्यम से फर्जी एटीएम कार्ड बनाकर खातों से रुपए आसानी से निकाल लेता था।
