झाँसी। सीपरी बाजार में बन रहा ओवर ब्रिज झांसी वासियों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है । वर्तमान में पुल का काम अंतिम चरण में है। इन दिनों पटरी के ऊपरी हिस्से में लोहे की स्लैप डाली जा रही है। अभी दूसरे हिस्से का काम शुरू नही हुआ है। यानि पुल के बनने में करीब 1 साल लग सकता है।
आपको बता दें कि सीपरी में बनने वाला बनने वाला ओवर ब्रिज 1 साल से निर्माण की अवस्था मे है। इस पुल के निर्माण को लेकर पहले गेंद राज्य सरकार के पाले में थी ।
इसको लेकर सरकार ने अपनी प्रक्रिया लगभग पूरी कर दी है और पुल के दोनों सिरों का काम पूरा हो गया है । अब रेलवे के हिस्से का काम बाकी रह गया है क्योंकि यह काम बेहद कठिन और खतरे भरा है इसलिए रेलवे की ओर से यह काम रात 11:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच कराया जाता है।
वर्तमान में फुल के इलाइट वाले हिस्से में लोहे की स्लैप डाली जा चुकी है अब इसमें दूसरे काम होंगे इसके बाद नंदन पुरा की ओर जाने वाले हिस्से का काम किया जाएगा। यहां भी स्लैप डाली जाएंगी । इसके बाद सबसे कठिन काम रेलवे पटरी के ऊपरी हिस्से का होगा क्योंकि यहां से ट्रेनों का आवागमन रहता है इसलिए जिस दौरान काम होगा उस समय हाईटेंशन लाइन में सप्लाई को बंद करना पड़ेगा। यानी काम के दौरान पुल के नीचे से ट्रेनों का आवागमन नहीं हो सकेगा।
क्योंकि पुल का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है इसलिए इसकी निर्माण में आने वाली लागत कई गुना बढ़ चुकी है । जब पुल का प्रस्ताव सामने आया था उस समय इसकी कीमत करीब 80 करो रुपए आंकी गई थी । तब तत्कालीन सरकार ने इस राशि को जारी करने में देरी की और इसके बाद पुल का काम अटकता ही गया । बाद में अखिलेश सरकार ने पुल बनाने के पैसा जारी किया और उसके बाद काम शुरु हो गया , लेकिन इस बीच मेटेरियल के दाम बढ़ने और अन्य कारणों से इसकी लागत बढ़ती ही चली गई।
आपको बता दें कि पुल के निर्माण को लेकर सामाजिक संगठनों के साथ बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के भानु सहाय जिला जन कल्याण समिति के जितेंद्र तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य अपनी भूमिका को पूरी तरह से निभाया पुल के निर्माण में वर्तमान में सपा के राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव ने भी अहम भूमिका निभाई है।
अब गेंद भाजपा की पाली में है और देखना यह है कि पुल का काम कितनी जल्दी पूरा होता है । सरकार भले ही यह दावा करें कि पुल का निर्माण 2018 के अंत तक कर लिया जाएगा , लेकिन ऐसा संभव नजर नहीं आता है । पुल पर काम करने वाले कारीगर भी मानते हैं की पल में करीब 1 साल का समय और लग जाएगा।
झांसी के लोगों को सीपरी बाजार के पुल में सफर करना के लिए अभी 1 साल का इंतजार करना पड़ेगा । इस दौरान उन्हें पुल के नीचे हो रही कठिनाइयों को भी सहना पड़ेगा। यहाँ सवाल यह है कि क्या भाजपा की ओर से स्थानीय जनप्रतिनिधि और केंद्रीय मंत्री उमा भारती इस दिशा में कोई पहल करेंगे?
