झांसी कालो की काल महाकाल मैया भवानी जैसे अनेक भक्ति गीतों की गूंज आज नगर की गलियों में सुनाई दे मौका था। नगर मेंविराजी दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का। भक्तों ने पूरी श्रद्धा व आस्था के साथ प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लक्ष्मी ताल पहुंच नदी बेतवा आदि स्थान पर ले गए।
नगर में आज सुबह से ही दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया ।मानिक चौक में सिंधी चौराहे पर निकल नहीं प्रतिमाओं का भव्य तरीके से स्वागत किया गया ।
दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे ।जगह जगह पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था ।लक्ष्मी ताल ले जाए जाने वाली दुर्गा प्रतिमाओं के रास्ते को प्रशासन ने पूरी तरह से खाली करा दिया था।
बड़ा बाजार में लगने वाले ठेले दुकानदारों को हटा दिया था इसके अलावा स्थाई दुकानदारों से भी कहा गया था कि वह दुकान के बाहर किसी प्रकार से अतिक्रमण ना करें।
नगर में निकली दुर्गा प्रतिमाओं को देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा लोगों ने जगह-जगह प्रतिमाओं का भव्य तरीके से स्वागत किया समाजसेवी नेताओं और संगठनों के लोगों ने भी प्रतिमाओं का स्वागत किया उन पर पुष्प वर्षा की।
