झाँसी- रेलवे में तैनात इस अधिकारी को लेकर गुमनाम पत्र में भेजी गई ढेरों शिकायतें

झाँसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में तैनात एक अधिकारी के खिलाफ गुमनाम पत्र के जरिए अधिकारियों को शिकायत भेजी गई हैं। रेल मंत्री से लेकर अन्य अधिकारियों तक भेजे गए इस पत्र के आरोपों को यदि सच माने तो यह अधिकारी भ्रष्टाचार का मुख्य केंद्र नजर आता है।

रेल मंत्री सहित अन्य अधिकारियों को भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि झांसी मंडल में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक के पद पर तैनात प्रदीप कुमार जैन पिछले 10 साल से मंडल में काम कर रहे हैं।

पत्र में कहा गया है कि रेलवे की झांसी स्टेशन पर सफाई का ठेका प्राइवेट कंपनी को दिया गया है पत्र में कहा गया है कि कंपनी में सफाई के लिए कई बड़ी मशीन है जो महंगे दामों की हैं उन्हें ले रखा है लेकिन मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक कंपनी को फायदा पहुंचाने की नियत से इन मशीनों का प्रयोग नहीं करते हैं।

पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों को दिए जाने वाला वेतन मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अपने मनमाने तरीके से वितरित करते हैं । इसमें ₹8500 जो कर्मचारी को दिए जाते हैं, उसमें स्वास्थ्य निरीक्षक अपना हिस्सा काट लेते हैं। यानि हर महीने वह कर्मचारियों के वेतन से हजारों रुपए मनमाने तरीके से काट लेते हैं।

पत्र में कहा गया है कि स्टेशन की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है ।लेकिन जब स्टेशन पर किसी बड़े अधिकारी का दौरा होने को होता है तब मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक कर्मचारियों को बुलाकर सफाई कराते हैं, जिससे अधिकारियों के संज्ञान में गंदगी आ नहीं पाती और वह अपना मन माना खेल जारी रखे हुए हैं।

पत्र में कहा गया है कि जिस कंपनी को सफाई का ठेका दिया गया है उसने झांसी स्टेशन पर 148 कर्मचारियों को कार्यरत दर्शाया है , जबकि इतनी संख्या में कर्मचारी तैनात नहीं है । आरोप है कि मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक कंपनी की मिलीभगत से पूरे कर्मचारियों को दर्शा कर पैसा हड़प रहे हैं।

इतना ही नहीं स्टेशन पर तैनात सफाई कर्मचारियों में से कई सफाई कर्मचारियों को मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अपने बंगले पर तैनात किए रहते हैं, इनसे घर के काम कराए जाते हैं!

आरोप ये भी है कि पिछले 10 सालों से अधिकारियों से सांठगांठ कर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक के पद तक पहुंचे प्रदीप कुमार जैन अपना तबादला नहीं होने देते हैं ।

उन्होंने पिछले 10 सालों में रेलवे को लाखों रुपए का चूना लगाया है और कई बेनामी संपत्ति खड़ी की हैं । पत्र में रेल मंत्री सहित अन्य अधिकारियों से इस मामले की जांच की मांग की गई है ।

पत्र भेजने वालों का दावा है कि यदि इसकी निष्पक्ष जांच हो तो उक्त अधिकारी भ्रष्टाचार के कंठ में डूबा नजर आएगा।

इस मामले में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी पत्र भेजने वाले कई कर्मचारी सीधे तौर पर मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक पर आरोप लगा रहे हैं।

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