झांसीः लगता है कि उमा भारती का झांसी आना सवाlo के घेरे मे फंसने जैसा नजर आ रहा है। लक्ष्मीताल की सफाई पर कांग्रेस के युवा नेता डा. सुनील तिवारी ने तो उन्हे सीधे चुनौती तक दे डाली। तिवारी ने कहा कि पहले ताल को अतिक्रमण मुक्त कराये, फिर सुन्दरीकरण हो। उन्होने कहा कि उमा भारती अतिक्रमण को लेकर गंभीर क्यो नहीं है?
केन्द्रीय मंत्री उमा भारती झासी आते ही विपक्ष के निशाने पर आ गयी है। कांग्रेस सहित अन्य दल के नेता उमा को लेकर सवाल दाग रहे हैं। उमा भारती लक्ष्मीताल की सफाई करने पहुंची। यहां पत्रकार भी पहुंचे। बात हुयी, तो हवा मे फैली।
इसके बाद कांग्रेसी नेता डा. सुनील तिवारी ताल पहुंचे। तिवारी ने आरोप लगाया कि सफाई के नाम पर भाजपाई गन्दगी फैलाकर चले गये। उन्होने उमा भारती से सवाल किया कि वो लक्ष्मीताल को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर गंभीर क्यो नहीं है? आखिर ताल का वास्तविक स्वरूप क्यो दबाया जा रहा है?
उन्होने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी डाली। पोस्ट इस प्रकार है-
“आज ऐतिहासिक लक्ष्मी तालाब पर समाज सेवा और पर्यावरण प्रेम का स्वभावनुसार छद्म पारम्परिक प्रहसन का रूप देखने को मिला । जिसे स्वयं मोदीजी के मंत्रीमंडल की वरिष्ठ सदस्या सुश्री उमा भारती जी लीड कर रही थी । जिसमें श्रमदान और मजदूर दिवस के नाम पर जमकर फोटोग्राफी हुई ।
तालाब संरक्षण समिति सन् 2012 से सतत संघर्ष कर रही है, चाहे वह डी पी आर का निर्माण हो या फिर श्रमदान की अनवरत श्रृंखला हो, तालाब संरक्षण समिति के संयोजक होने के नाते,मैने और तालाब संरक्षण समिति के सदस्यों ने, परिजनों की भाॅति स्नेहिल आवरण दिया । उस समय तत्कालीन पर्यावरण मंत्री जयन्ती नटराजन ने ऐतिहासिक लक्ष्मी तालाब के सुन्दरीकरण के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी ।
इस के साक्षी स्थानीय समाचार पत्रों के साथ झांसी के समस्त जागरूक नागरिक है ।
तालाब संरक्षण समिति की हमेशा से माँग रही है, कि पहले तालाब से भू-माफियाओं को बेदखल किया जाय, तदुपरांत उसके सुन्दरीकरण का कार्य हो ।
“डाॅ सुनील तिवारी ”
संयोजक
तालाब संरक्षण समिति
