झांसी।
आज चिन्मय मिशन झांसी के तत्वाधान में अखंड संत आश्रम में 5 दिवसीय चिन्मय क्षेत्रीय ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। श्री हनुमान चालीसा ज्ञान यज्ञ प्रवचन में ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य ने बताया कि हनुमान चालीसा मात्र पाठ करने का ग्रंथ नहीं है. यह जीवन का ग्रंथ है. सभी के जीवन में ऐसी परिस्थितियों आती है जब सब साधन होते हुए भी हम स्वयं को असहाय अनुभव करते हैं. कुछ लोग इन परिस्थितियों में टूट जाते हैं. किंतु कुछ समझदार मनुष्य उन कठिन परिस्थितियों को भक्ति रूप में परिणत कर लेते हैं. इन कठिन परिस्थितियों से भक्त बनने की यात्रा है श्री हनुमान चालीसा. श्री हनुमान चालीसा के प्रथम दोहे में गुरुदेव के चरणों की राज की महिमा बताई है जिससे हम अपने मन को निर्मल कर सकते हैं इस दोहे का अर्थ स्वयं को गुरु के समक्ष शरणागत कर देना है. अपने अहंकार को पूर्णतया नष्ट कर देना है. क्योंकि यह अहंकार ही हमारे जीवन के सारे दुखों का कारण एवं हमारे लक्ष्य प्राप्ति में मुख्य बाधक तत्व है. हनुमान जी के जीवन में कहीं भी लेश मात्र अहंकार का दर्शन नहीं होता है. इस समागम का प्रारंभ अखंड संत आश्रम के महाराज जी ब्रह्मचारी राघवेंद्र चैतन्य, एम एल सीरोटियां, मुकेश गुप्ता, आरपी गुप्ता चन्दा अरोरा आदि के द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ. श्रीमती कृष्णा सक्सेना एवं संगीता गुप्ता द्वारा श्री हनुमान चालीसा आरती का गायन किया गया. आज के प्रसाद वितरण का सौभाग्य श्री आर पी गुप्ता जी को प्राप्त हुआ इस समागम में विशेष रूप से रजनी गुप्ता जी के अलावा डीके गुप्ता, शिशिर बाला गुप्ता, हरीश अग्रवाल, विनय गुप्ता, शीला गुप्ता, मेघना गुप्ता, एच एन मोर, वीके गुप्ता कुसुम गुप्ता, मीना सोनी, नरेश टकसारी, एसके मिश्रा, नूपुर श्रीवास्तव, प्रतिमा श्रीवास्तव, ए के श्रीवास्तव, नीलम सिंह, रीना गिरी, अनुज के साथ भारत विकास परिषद एवं राम कथा समिति के अनेक साधक उपस्थित रहे. सचिव मुकेश गुप्ता ने बताया कि यह ज्ञान यज्ञ 14 दिसंबर तक चलेगा. उन्होंने अधिकाधिक साधकों से इसका लाभ उठाने का आह्वान किया.
झांसी: चिन्मय मिशन का हनुमान चालीसा पर क्षेत्रीय ज्ञान यज्ञ
