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झांसी-पूरे दिन अफवाह मे फंसे रहे डमडम!

झांसीः नगर निगम चुनाव मे  कई रोचकताएं सामने आयी। इनमे  सबसे ज्यादा बसपा प्रत्याशी डमडम को लेकर रही। नामांकन के बाद हवा के साथ उपर उठे प्रत्याशी मतदान का दिन आते-आते जमीन पर आ गये। उन्हे  लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाह उड़ती रही।

बसपा में बाहर-अंदर होने वाले डमडम के लिये यह चैथा चुनाव था। शुरू से ही अकेले पड़ गये डमडम आज मतदान वाले दिन भी अकेले नजर आये। हालंाकि उन्हांेने चुनाव को उठाने का पूरा प्रयास किया।

नगर  डमडम को लेकर जो चर्चा और अफवाह चली उनमे  सबसे ज्यादा रोचक यह रहा कि वो भाजपा के डमी कैंडिटेड बन गये। कुछ लोग कहते दिखे कि उन्हे  पार्टी के लोगो  का साथ नहीं मिला। कुछ लोगो  ने कहा कि डमडम ने जानबूझकर पार्टी के कददावर नेताओ  को किनारे कर दिया?

इतना ही नहीं ब्राहमण समाज के समर्थन को लेकर चर्चा यह रही कि बसपा की कददावर नेत्री माताजी ने उन्हे  क्यो  आशीर्वाद नहीं दिया? मतदाताओ  के सवालो  और चर्चा मे  डमडम कभी पहले, कभी दूसरे तो कभी चैथे स्थान पर नजर आये।

एक चर्चा जो रोचकता के लपेटे मे  आयी, जिसमे  उन्हे  उप्र व्यापार मंडल का समर्थन दिया जाना सबसे घाटे का सौदा बताया गया। लोगो  ने कहा कि जनाधारहीन व्यापारी नेता कहे जाने संजय पटवारी का साथ लेकर डमडम ने भारी भूल कर दी? लोग कहते रहे कि पटवारी घोषित रूप से भाजपा के हैं, फिर उनके सदस्य कैसे डमडम को सहारा देगे? लोगो  ने तो यहां तक कहा कि डमडम को फंसाने के लिये संजय खेमे की ओर से चाल चली गयी, जिसमे  वो फंस गये?

बरहाल, इन चर्चा और अफवाह मे  कितना सच्चाई है, यह मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा। अभी तो ईवीएम मे  कैद वोट मतगणना वाले दिन चर्चा और अफवाह के असर को साबित करेगे या फिर डमडम को जनता की स्वीकार्यता बताएंगे।

 

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