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झांसी-फोटोसेशन वाले नेता चार साल से जनता के लिये क्या कर रहे थे?

झांसीः बडे़ नेताओ के पिछल्लगु कहे जाने वाले झांसी के कुछ भाजपा नेता आज उमा भारती और प्रभारी मंत्री मोती सिंह के आगमन पर फोटोसेशन के लिये पहुच गये। सोशल मीडिया पर पोस्ट की। मंत्रियो के जिन्दाबाद के नारे लगाये और अपने नंबर बढ़ाने की तैयारी करने मे जुट गये।

झांसी मे प्रतिभावान नेताओ  की कमी नहीं है। भाजपा मे युवा उर्जा जमकर भरी है, लेकिन इनके इरादे जनहित से ज्यादा अपने लिये होने से ना तो वो खुद के लिये मुकाम हासिल कर पा रहे और ना ही जनता को कुछ मिल पा रहा।

पहली बात भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष रहे संजीव ऋगीऋषि की ही कर ले। जनाब प्रतिभा के मामले मे किसी से कम नहीं। पार्टी मे अपना कद बढ़ाने के लिये कभी उप मुख्यमंत्री तो कभी प्रभारी मंत्री के साथ बैठक की पोस्ट ऐसे शेयर करते है, जैसे झांसी के विकास मे बड़ी सौगात दिलाने की तैयारी कर रहे हो।

जनाधार बनाने से ज्यादा पार्टी मे पद बनाने की सोच का ही नतीजा है कि संजीव आज तक संगठन के काम से आगे नहीं निकल पाये।

यही हाल, प्रदीप सरावगी का है। महानगर अध्यक्ष पद सुशोभित करते हुये ना तो पार्टी को फायदा पहुंचा पाए और ना ही जनता को। संघ से करीबी का वास्ता देकर अपने को बचाये रखना इनकी पहली प्राथमिकता होती है?

इन दिनो  एक नये नेता का भाजपा मे आगमन हुआ है। राजेश पाल। जनाब मंत्री या पार्टी के बड़े नेता के आगमन पर ऐसे सक्रिय होते है, जैसे सारा क्रेडिट इन्हीं को मिलना हो। रक्षामंत्री के आगमन के दौरान बडी मिन्नत करते हुये पूर्व मंत्री रवीन्द्र शुक्ल के साथ एयरपोर्ट पहुंच गये।

यहां सवाल यह नहीं है कि नेताओ  के साथ रहना कोई बुरा है। सवाल यह है कि युवा नेता क्यो  झांसी और जनता के बीच अपना जनाधार और विकास को पूंजी नहीं बना पाते। कब तक फोटोसेशन की राजनीति करते रहेगे?यही कारण है कि जनता इनसे सवाल करती है आप चार साल से क्या कर रहे हैं? जो आज सफाई कर रहे?

 

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