झांसीः किसी शायर ने क्या खूब कहा है कि सरकार भी आपकी, दरबार भी आपका, फिर फरियाद किससे कर रहे हैं? जी हां, भाजपा की केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज कांड को लेकर जिलाध्यक्ष व विधायक की सुरक्षा को लेकर लिखे गये खत के बाद सवाल उठ रहे हैं। इस मामले मे रोचक पहलू यह है कि पक्ष की पहल से पहले विपक्ष भी मैदान मे तलवार लिये डटा है।
बुन्देली माटी मे राजनीति के मुददे कितनी जल्दी नेताओ की जुबां पर आ जाते हैं और इनमे छिपे हित अहित का दूरगामी परिणाम देखा जाने लगता है।
बीते दिनो मउरानीपुर मे लेखराज की पुलिस के साथ हुयी मुठभेड़ के बाद वायरल हुये आडियो को लेकर जो बवाल मचा, उसको अब केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने पत्राचार के जरिये माननीयो की सुरक्षा से जोड़ दिया है।
दीदी का पत्र चिंता मे डूबे शब्द बयान करता है। जाहिर है कि बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा और जिलाध्यक्ष संजय दुबे के नाम आडियो मे वायरल हुआ। आडियो मे इन्सपेक्टर दोनो को मैनेज करने की बात कह रहे हैं। विपक्ष ने यही से सवाल उठाये थे कि आखिर विधायक बबीना राजीव सिंह पारीछा को इन्सपेक्टर क्यो मैनेज करने की बात कह रहा है? क्या किसी साजिश के तहत या फिर अपना उल्लू सीधा करने के लिये।
अभी यह तय नहीं हो पाया था कि उमा भारती ने इस मामले मे दोनो माननीयो की सुरक्षा से जोड़ते हुये पत्र लिख दिया। इधर, सपा के राज्यसभा सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव पहले की लेखराज की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा चुके हैं। चन्द्रपाल को लगता है कि लेखराज की जान खतरे मे है। उमा के खत मे माननीयो की जान खतरे मे नजर आ रही। यानि राजनैतिक मुददे मे किसी जान खतरे मे यह कौन तय करे, जनता यह नहीं समझ पा रही?
बरहाल, मामला किस दिशा मे और कहां तक जाएगा, यह आने वाले दिनो मे साफ होगा, लेकिन इस मामले मे नेताओ की जुबां राजनीति की जमीन तपती दोपहरी मे भी बयानो के फूल बरसा रही है!
