झांसीः प्रेमनगर मे बीते दिनो सुनील साहू की मौत के मामले मे पीड़ित परिवार पर दर्ज मुकदमे को लेकर आज ज्ञापन दिया गया। अभापिव की ओर से दिये गये ज्ञापन मे कहा गया कि पुलिस पीड़ित की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्हांेने कहा कि मौत के बाद मुकदमा दर्ज होने से परिवार दहशत मे है। आपको बता दे कि साहू समाज पर दर्ज मुकदमे के बाद बीजेपी से जुड़े कई नेता मैदान मे आ गये हैं।
आज ज्ञापन देने वालो मे पूर्वसभासद प्रेमनारायण, बीजेपी नेता जगदीश, मोहन सिंह भी मौजूद रहे।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग विकास महासभा के तत्वाधान में एक प्रतिनिधि मंडल झांसी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। जहां उन्होंने शिकायत करते हुए झांसी पुलिस पर कई आरोप लगाये।
जिलाधिकारी को दिये ज्ञापन में बताया गया कि 5 जुलाई को प्रेमनगर थाने में तैनात उपनिरीक्षक बलवीर सिंह अपने दो सिपायिों के साथ राजीव नगर में रहने वाले सुनील दत्त साहू के घर पहुंचे। जहां उन्होंने दबिश के नाम पर सुनील दत्त साहू के साथ मारपीट की और फिर नकदी लूटकर भाग गये। पुलिस पिटाई से सुनील की मौत हो गई। जिस पर सुनील साहू के परिजन और साहू समाज के लोग थाने पहुंचे थे। जहां उन्होंने शव को रखकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की। लगभग 4 घंटे बाद पुलिस ने उनकी मांग मानी और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस ने अगले दिन पीड़ित परिवार पर दवाब बनाकन उनकी आवाज दबाने का प्रयाय किया। जिसमें पुलिस ने पीड़ित परिवार के खिलाफ संगीन धाराओें में मामला दर्ज कर लिया। जिसे अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग विकास महासभा कतई बर्दास्त नहीं करेगा। वह प्रशासन से साहू समाज के लोगों पर लगाये मुकद्मे को वापस कराकर न्याय दिलाने की मांग करते है।
