लखनउ 11 अगस्तः अलीगढ़ मे पकड़े गए शूटर सागर राणा और रोहित जाट 21 जुलाई को बिल्डर संजय वर्मा पर हमला करने मे असफल होने के बाद दोबारा हमले की योजना बन रहे थे? यह बात पुलिस जांच मे सामने आयी है। आपको बता दे कि संजय वर्मा पर उस समय हमला किया गया था, जब वह कोर्ट से तारीख कर लौट रहे थे।

कचहरी चैराहा पर हुयी इस घटना मे करीब पचास गोलियां चली थी। संजय वर्मा को दो गोलियां लगी, जबकि उनके गनर को 13 गोलियां लगी, जिससे उसकी मौत हो गयी।
अलीगढ़ पहुंची झांसी पुलिस ने शूटरो से अस्पताल मे मुलाकात की। अभी शूटर जेल भेज दिये गये हैं। पुलिस सूत्र ने बताया कि हमला करने आये दोनो शूटर हमले मे नाकाम होने के बाद दोबारा हमले की फिराक मे थे।
उन्हे मौका नहीं मिला। इस बीच संजय को भी इलाज के लिये दिल्ली भेज दिया गया। सूत्र बताते है कि शूटर दूसरे कार्य मे व्यस्त हो गये थे। वो संजय पर हमला के लिये योजना बना रहे थे। इससे पहले कि वो किसी प्लानिंग को अंजाम दे पाते, वो पकड़े गये।
यहां पुलिस की गिरफत मे आने के बाद वो थाने से भागे, तब पुलिस की गोली से घायल हो गये। पुलिस ने इनके दो साथी सुमित व मोहित को भी बंदी बना लिया था।
पुलिस को इस गैंग के सरगना मोटी की तलाश है। पुलिस का मानना है कि मोटी के पकड़े जाने पर कई राज खुल सकेगे।
